इटरनल का मुनाफा 73% बढ़कर ₹102 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 202% का उछाल; ब्लिंकिट के ऑर्डर और यूजर्स बढ़ने से कंपनी को फायदा

इटरनल का मुनाफा 73% बढ़कर ₹102 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 202% का उछाल; ब्लिंकिट के ऑर्डर और यूजर्स बढ़ने से कंपनी को फायदा




जोमैटो-ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 73% बढ़कर 102 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 59 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू 202% बढ़ा है। यह पिछले साल के ₹5,405 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹16,315 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, बिजनेस विस्तार के साथ कंपनी के खर्चों में भी इजाफा हुआ है। तीसरी तिमाही में कुल खर्च 198% बढ़कर ₹16,493 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹5,533 करोड़ था। फूड डिलीवरी की ऑर्डर वैल्यू ₹9,846 करोड़ पहुंची इस बिजनेस की नेट ऑर्डर वैल्यू ₹9,846 करोड़ रही। वहीं जोमैटो ऐप पर हर महीने ट्रांजैक्शन करने वाले ग्राहकों की संख्या 2.49 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल 2.05 करोड़ थी। ब्लिंकिट का रेवेन्यू 776% बढ़कर ₹12,256 करोड़ क्विक कॉमर्स वर्टिकल ‘ब्लिंकिट’ का रेवेन्यू 776% बढ़कर ₹12,256 करोड़ पहुंच गया। हर महीने ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स की संख्या 1.06 करोड़ से बढ़कर 2.36 करोड़ पहुंच गई है। वहीं कंपनी ने अपने डार्क स्टोर्स की संख्या दोगुनी कर दी है। ये अब 2,027 हो गई है। टिकटिंग और इवेंट्स बिजनेस में भी सुधार इटरनल का ‘गोइंग आउट’ सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना 16% बढ़कर ₹300 करोड़ रहा। पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में यह ₹189 करोड़ था। इस सेगमेंट की नेट ऑर्डर वैल्यू भी बढ़कर ₹2,587 करोड़ हो गई है। ‘गोइंग आउट’ सेगमेंट में डाइनिंग और इवेंट्स शामिल हैं। इटरनल के शेयर में 5% की तेजी कंपनी के शेयर आज 4.9% की बढ़त के साथ ₹283.40 पर बंद हुए। बीते एक साल में जोमैटो ने 30% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। वहीं बीते 6 महीने में स्टॉक केवल 4% चढ़ा है। जोमैटो के दीपिंदर गोयल का CEO पद से इस्तीफा इटरनल के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO के पद से हटने का फैसला किया है। उनकी जगह अब ब्लिंकिट के CEO अलबिंदर ढींडसा नए ग्रुप CEO होंगे। कंपनी ने बुधवार, 21 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी। बोर्ड में बने रहेंगे गोयल, वाइस चेयरमैन की भूमिका भले ही दीपिंदर गोयल CEO पद छोड़ रहे हैं, लेकिन वे कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद वे कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में वाइस चेयरमैन के रूप में काम करेंगे। गोयल ने कहा, “मैंने अपनी जिंदगी के करीब 18 साल इस कंपनी को बनाने में दिए हैं। मैं लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी, कल्चर और लीडरशिप डेवलपमेंट से जुड़ा रहूंगा।” कंसॉलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, इटरनल की जोमैटो, ब्लिंकिट समेत 22 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट या जोमैटो के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!