मंगेतर से आखिरी वीडियो कॉल और फिर मौत:बरेली की मशहूर इवेंट मैनेजर की हत्या का खौफनाक सच, पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया पूजा राणा का हत्यारा
इवेंट मैनेजर पूजा राणा की हत्या के मामले में शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपनी मौत से कुछ समय पहले पूजा ने वीडियो कॉल पर अपने मंगेतर (फियांसे) से बात की थी। उस आखिरी कॉल के दौरान क्या बातें हुईं, पूजा ने क्या कहा और आखिर उनकी हत्या क्यों हुई, इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पूरी घटना को विस्तार से पढ़ें। लापता होने से पहले कार में नशे की हालत में दिखी थीं पूजा
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के दुर्गानगर की रहने वाली 30 वर्षीय पूजा 12 जनवरी से लापता थीं। वह 12 जनवरी को दोपहर सवा दो बजे अपनी मां मेहन्द्री से काम पर जाने की बात कहकर घर से निकली थीं। उसी दिन जब मंगेतर भरत की पूजा से वीडियो कॉल पर बात हुई, तो वह एक कार में सवार थीं और नशे की हालत में लग रही थीं। जब भरत ने पूजा से उनके साथ मौजूद व्यक्ति का चेहरा दिखाने को कहा, तो पूजा ने फोन काट दिया था। परिवार का सहारा और 50 घरों की मददगार थीं पूजा
पूजा के परिवार में पिता प्रेम सिंह राणा, मां मेहन्द्री, दो भाई सोनू (33) व मनोज (28) और एक बहन मीरा (36) हैं। पूजा की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। भाई मनोज का कहना है कि उनकी बहन बहुत मिलनसार थी और पूरे बरेली में एक कुशल इवेंट मैनेजर के रूप में जानी जाती थी। उनके काम की वजह से लगभग 50 घरों का गुजारा चलता था। पूजा के पिता श्यामगंज बाजार में पल्लेदारी करते हैं, जबकि उनके दोनों भाई कपड़े की दुकान चलाते हैं। सीसीटीवी फुटेज और पैसों के विवाद में हत्या का खुलासा
इवेंट मैनेजर पूजा राणा की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि 12 जनवरी को घर से लापता हुई पूजा की तलाश के दौरान सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले, जिसमें वह विमल कुमार नामक युवक की गाड़ी में जाती दिखीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी विमल ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पैसों के विवाद और शराब के नशे में उसने पूजा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। शव बरामदगी और पुलिस टीम पर आरोपी की फायरिंग
आरोपी ने हत्या के बाद शव को केसीएमटी के पास जंगल में दबा दिया था और मृतका की स्कूटी को पीलीभीत की बड़ी नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार, 23 जनवरी को जब पुलिस टीम आरोपी विमल कुमार को स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद कराने के लिए ले गई, तो पीलीभीत से स्कूटी बरामद करने के बाद टीम बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की बीडीए रामगंगा कॉलोनी पहुंची। वहां आरोपी ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की और पहले से छिपाकर रखे गए तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल और अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी विमल के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और पुलिस पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं (103(1), 238, 109, 87 BNS) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
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