बलिया में चार दोषियों को 10 साल की सजा:हत्या के प्रयास मामले में अदालत ने सुनाया फैसला
बलिया की एक अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, प्रत्येक अभियुक्त पर कुल 40,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है। थाना रेवती में पंजीकृत इस मुकदमे में अभियुक्तगण जगधारी राजभर (पुत्र सुदर्शन राजभर), मनोज राजभर (पुत्र सरजू राजभर), मन्नु राजभर (पुत्र मुख्खन राजभर) और जीयुत यादव (पुत्र सकल यादव) को विशेष न्यायाधीश (एस.सी. एवं एस.टी. एक्ट) अपर सत्र न्यायाधीश, बलिया द्वारा दोषी पाया गया। धारा 307/34 के तहत प्रत्येक अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को 01-01 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त, धारा 504 में दोषी पाए जाने पर प्रत्येक अभियुक्त को 01-01 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया, जिसके अदा न करने पर 02-02 माह का अतिरिक्त कारावास होगा। धारा 506 में प्रत्येक अभियुक्त को 04-04 वर्ष का कारावास और 8,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया, जिसके अदा न करने पर 04-04 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि 19 जुलाई 2019 को थाना रेवती में वादी द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विपक्षीगण ने वादी के नाती और भतीजे पर जान से मारने की नियत से हमला किया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ए.डी.जी.सी. अजय कुमार राय रहे।
Source link

