जशपुर में साइबर थाने का वर्चुअल उद्घाटन:मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ, सरगुजा संभाग का दूसरा केंद्र, साइबर क्राइम की जांच में आएगी तेजी
छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर से जशपुर जिले में स्थापित साइबर थाने का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह सरगुजा संभाग का दूसरा साइबर थाना है, जो संभाग स्तर पर साइबर अपराधों की जांच, नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जिलों में कुल 8 नए साइबर थानों का एक साथ वर्चुअल शुभारंभ किया। इन थानों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और अन्य डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों की त्वरित विवेचना कर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाना है। सीमावर्ती जिला होने से बढ़ती हैं चुनौतियां विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि, जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा की सीमाओं से लगा होने के कारण यहां साइबर अपराधों की संवेदनशीलता और चुनौतियां अधिक हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना जिले के लिए समय की मांग थी, जो आम जनता के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। अब जशपुर में ही मिलेगा त्वरित न्याय जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि, डिजिटल युग में अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर थाना खुलने से अब जिले के नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अन्य जिलों या राजधानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे पीड़ितों को त्वरित राहत और न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। विशेष प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक संसाधन डीआईजी और एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, साइबर थाना में विशेष रूप से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी वेबसाइट और लिंक के माध्यम से होने वाले अपराधों की प्रभावी जांच की जा सकेगी। जन-जागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया ठगी से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। शिकायत मिलते ही त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके। वर्चुअल जुड़े गृहमंत्री और अफसर उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम और मुख्य सचिव विकास शील सहित राज्य शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान अधिकारियों ने साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति, तकनीकी चुनौतियों और आधुनिक संसाधनों के उपयोग से अपराध नियंत्रण की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। जशपुर नगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय उपस्थित रहे। इनके साथ ही, कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।
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