Ajit Pawar Plane Crash Investigation; Black Box – DGCA
पुणे50 मिनट पहले
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क्रैश साइट पर गुरुवार को DGCA के अधिकारी, फॉरेंसिक टीम, NDRF और महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी मौजूद हैं।
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार जिस लेयरजेट चार्टर प्लेन में सवार थे, उसका ब्लैक बॉक्स हादसे के एक दिन बाद गुरुवार को बरामद कर लिया गया है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (MoCA) ने इसकी पुष्टि की है। ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर है।
इसकी जांच की जाएगी ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बताया कि दिल्ली से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और मुंबई स्थित DGCA की टीमें घटनास्थल पर गई थीं।
इससे पहले दिन में, DGCA के अधिकारी और फोरेंसिक टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने हादसे को लेकर बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
बारामती में क्रैश साइट पर गुरुवार सुबह NDRF टीम और महाराष्ट्र DGP पहुंचे।
लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था अजित पवार का प्लेन
अजित पवार का प्लेन बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। हादसे में डिप्टी CM, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफसर, एक अटेंडेंट, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक, कुल 5 लोगों की मौत हो गई।
अजित पवार VSR वेंचर्स कंपनी की लेयरजेट 45 प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुए थे। लगभग 8:45 बजे प्लेन क्रैश हो गया। पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने होमटाउन बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।
ब्लैक बॉक्स क्या होता है, 4 ग्राफिक्स और 6 सवाल-जबाव में जानिए…
ब्लैक बॉक्स से संबंधित 6 जरूरी सवाल-जवाब
1. इसे ब्लैक बॉक्स क्यों कहते हैं?
“ब्लैक बॉक्स” नाम को लेकर कई बातें कही जाती हैं। एक मान्यता है कि पहले इसके अंदर का हिस्सा काला होता था, इसलिए इसे यह नाम मिला। दूसरी राय यह है कि हादसे के बाद आग से जलकर इसका रंग काला हो जाता है, इसलिए लोग इसे “ब्लैक बॉक्स” कहने लगे।
2. ब्लैक बॉक्स दिखता कैसा है?
ब्लैक बॉक्स असल में ओरेंज रंग का होता है और बॉक्स जैसा नहीं दिखता। यह अलग-अलग आकार का हो सकता है—जैसे गोल, बेलनाकार या गुंबद जैसा। इसका आकार इतना बड़ा होता है कि प्लेन के मलबे में आसानी से मिल सके।
3. ब्लैक बॉक्स को हादसे के बाद कैसे खोजते हैं?
अगर विमान पानी में गिरता है तो ब्लैक बॉक्स का अंडरवाटर बीकन पानी छूते ही सिग्नल भेजना शुरू कर देता है। अगर हादसा जमीन पर होता है तो इसका चमकीला नारंगी रंग इसे ढूंढने में मदद करता है।
4. कैसे बचाता है डेटा?
ब्लैक बॉक्स को विमान के सबसे सुरक्षित हिस्से, आमतौर पर टेल सेक्शन में रखा जाता है। यह टाइटेनियम या स्टेनलेस स्टील से बना होता है। 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान व समुद्र की गहराई में दबाव को झेल सकता है। पानी में गिरने पर यह 14,000 फीट गहराई तक से सिग्नल भेज सकता है।
5. ब्लैक बॉक्स मिलने में समय लग सकता है?
कुछ हादसों में ब्लैक बॉक्स ढूंढने में बहुत समय लगता है। कई बार ऐसा भी हो सकता है कि नहीं मिले। उदाहरण:
- श्रीविजया एयर जेट (9 जनवरी 2021): करीब 3 दिन में मिल गया।
- एयर फ्रांस 447 (1 जून 2009): 699 दिन बाद मिला।
- मलेशिया एयरलाइंस 370 (8 मार्च 2014): अब तक नहीं मिला।
5. भारत में जांच कहां होती है?
दिल्ली में हाल ही में DFDR & CVR लैब की शुरुआत हुई है, जहां ब्लैक बॉक्स से डाटा निकाला और एनालिसिस किया जा सकता है। यहीं पर इस ब्लैक बॉक्स की जांच भी की जाएगी।
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