इंजेक्शन और दवाओं से बदला खर्च का तरीका:मोटापे की दवाओं से लोगों के व्यवहार में बदलाव; आहार की मात्रा घटी, पौष्टिकता बढ़ाई, स्नैक्स भी प्रोटीन वाले
वजन घटाने वाले इंजेक्शन और दवाएं अब सिर्फ हेल्थ का मामला नहीं रहीं। ये लोगों की जेब, बाजार और बिजनेस स्ट्रैटजी तक को बदल रहे हैं। ब्रिटेन में 2024 के दौरान करीब 16 लाख लोगों ने मोटापा कम करने के लिए जीएलपी-1 इंजेक्शन इस्तेमाल किए। भूख कम होने से लोग कम खाते हैं, लेकिन ज्यादा सोच-समझकर। नतीजा- खाने से लेकर कपड़ों, शराब, जिम और ब्यूटी इंडस्ट्री तक में खर्च का पैटर्न बदल रहा है। एक साल में 25 किग्रा से अधिक वजन घटाने वाले इंग्लैंड के 38 वर्षीय सैम गिल्सन बताते हैं, ‘अब मेरी ग्रॉसरी शॉपिंग कम हो गई है, लेकिन ताजा और पोषक खाना ज्यादा खरीदता हूं।’ इसी ट्रेंड को देखते हुए को-ऑप, मॉरिसन्स और मार्क्स एंड स्पेंसर जैसे सुपरमार्केट्स ने पोषक तत्वों- मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर तैयार खाना, छोटे पैक में लॉन्च किए हैं। बाजार में अब प्रोटीन वाले स्नैक्स आ गए हैं। खाद्य शोध कंपनी मिंटेल के जॉनी फॉर्सिथ के मुताबिक, ‘ये दवाएं पोषक आहार के मौजूदा ट्रेंड तेज कर रही हैं।’ बाहर खाने में कटौती रिसर्च कंसल्टेंसी केएएम इनसाइट के सर्वे के अनुसार, जीएलपी-1 यूजर्स में करीब एक-तिहाई लोग बाहर खाना कम कर चुके हैं। कॉर्नवाल की 70 वर्षीय एनी हैसलम कहती हैं, ‘पहले हफ्ते में एक बार रेस्तरां जाती थी। अब महीनों से नहीं गई है।’ यह असर फास्ट फूड से लेकर फाइन डाइनिंग तक दिख रहा है। ग्रेग्स जैसी बेकरी चेन और मिशेलिन-स्टार रेस्तरां भी छोटे व नपे-तुले मेन्यू पर काम कर रहे हैं। उपभोक्ता डेटा प्लेटफॉर्म वर्ल्डपैनल बाई न्यूमरेटर के अनुसार, जीएलपी-1 इस्तेमाल करने वाले परिवार में शराब की खरीद 15% तक कम हुई है। वजन कम होने पर कपड़े भी तेजी से बदल रहे तेजी से वजन घटने पर पुराने कपड़े ढीले पड़ जाते हैं। ऐसे में नए कपड़े भी खरीदे जा रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट डैन कोट्सवर्थ मानते हैं कि इससे फैशन सेक्टर को बढ़ावा मिला है। जिम, ब्यूटी व वेलनेस कारोबार भी बढ़ा है। जिम ग्रुप के सीईओ विल ऑर के मुताबिक, इंजेक्शन लेने वाले लोग मसल्स बढ़ाने के लिए जिम जा रहे हैं। ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन्स के अनुसार, 2024 में फेसलिफ्ट की मांग 8% बढ़ी।
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