'नगर पालिका अधिकारियों के पास जनप्रतिनिधियों के लिए समय नहीं':धार कांग्रेस प्रवक्ता बोले- कार्यालय में उपलब्ध रहते हैं और न फोन उठाते हैं
धार नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय डॉ. मनोहर सिंह ठाकुर ने मंगलवार को गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में चुने हुए जनप्रतिनिधियों के लिए न तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पास समय है और न ही वार्डों में नियुक्त इंजीनियरों के पास। नगर की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ठाकुर ने बताया कि बीते एक माह से नगर पालिका में भ्रष्टाचार, लापरवाही और कार्यालय में चोरी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वार्डों में छोटे-छोटे कार्यों के लिए इंजीनियरों द्वारा एस्टीमेट तक तैयार नहीं किए जा रहे हैं। अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध रहते हैं और न ही फोन उठाते हैं, जिससे नगर की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। चोरी की घटना मिलीभगत का परिणाम
जिला कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नगर पालिका कार्यालय में हुई चोरी की घटना अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है। इस मामले में आज तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। इससे पहले डस्टबिन खरीदी, वाहनों के पार्ट्स चोरी और जेसीबी मशीन के बकेट चोरी जैसे मामलों में भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित सूचना दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही
ठाकुर ने यह भी कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारियां अपील के बाद भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। विधानसभा में उठाए गए मुद्दों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इन सभी विषयों को लेकर समय-समय पर जनसुनवाई में और प्रत्यक्ष रूप से जिला कलेक्टर को लिखित शिकायतें सौंपी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र जैसी जल संकट की समस्या का हवाला देते हुए बताया कि 5 तारीख को धार में भी एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा साक्ष्यों सहित जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया गया था। हालांकि, इस पर न तो नगर पालिका पर कोई कार्रवाई हुई और न ही जल समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास किए गए।
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