यमुनानगर के चचेरे भाइयों से 9.71 लाख रुपए ठगे:विदेश भेजने के नाम पर मोहाली के एजेंट ने की धोखाधड़ी, 4 पर FIR
यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां मोहाली स्थित एक इमिग्रेशन फर्म से जुड़े लोगों पर ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़पने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता विक्रम सैनी और उसके चचेरे भाई पंकज से चरणबद्ध तरीके से करीब 9.71 लाख रुपये लेने के बावजूद न तो वीजा दिलाया गया और न ही रकम वापस की गई। प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन और लिखित आश्वासनों की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेरोजगार होने के चलते जाना चाहते थे विदेश शिकायतकर्ता गांव सारन निवासी विक्रम सैनी ने बताया कि वह बीए तक पढ़ा है और उसके चचेरे भाई पंकज ने बीटैक की हुई है। बेरोजगार होने के कारण अपने चाचा के बेटे पंकज के साथ विदेश जाकर नौकरी करना चाहता था। जून 2024 में दोनों मोहाली के सेक्टर 67 स्थित Richmond Consult नामक इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में दिव्या, कर्णदीप, सतवीर और मालिक बताए गए अमनदीप ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया तथा कुल 14 लाख रुपये लेने की बात कही। आरोपियों ने पहले 18 जून 2024 को रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। मोहाली पहुंचने पर बंद मिला दफ्तर इसके बाद 1 जुलाई 2024 को स्पॉन्सरशिप आने का दावा कर दोनों से 3.50-3.50 लाख रुपये RTGS से जमा करवा लिए। इसके बाद 27 जुलाई 2024 को मेडिकल, वकील मोहर और अन्य प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 10-10 हजार रुपये और लिए गए तथा सितंबर 2024 में ट्रैवल इंश्योरेंस के नाम पर करीब 96-96 हजार रुपये और वसूले गए। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि 10 अक्टूबर 2024 तक वीजा न लगने पर पैसा वापस कर दिया जाएगा, लेकिन न वीजा मिला और न ही रकम लौटाई गई। बाद में जब वे कार्यालय पहुंचे तो दफ्तर बंद मिला और आरोपियों ने दूसरे नाम से नया ऑफिस खोल लिया, जहां मई 2025 में भी सात दिन में पैसा लौटाने का लिखित वादा किया गया, जो पूरा नहीं हुआ। कुल 9 लाख 71 हजार रुपए ठगे शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने दोनों से कुल 9 लाख 71 हजार रुपये ठग लिए। प्रारंभिक जांच में बैंक स्टेटमेंट और लिखित दस्तावेजों से रकम लेने की पुष्टि होने पर थाना छप्पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आप्रवासन अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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