31 साल पुराने हत्या मामले में कोर्ट का फैसला:गोपालगंज में आरोपी को आजीवन कारावास, 10 हजार रुपये का अर्थदंड
गोपालगंज में 31 साल पुराने एक हत्या मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (XII) धीरज कुमार मिश्रा की अदालत ने एक अभियुक्त को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष से एपीपी जयराम साह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने अपनी दलीलें पेश कीं। सजा सुनाए जाने के बाद उसे मंडल कारा भेज दिया दोषी करार दिया गया अभियुक्त महम्मदपुर थाना क्षेत्र के काशी टेंगराही गांव निवासी राजेंद्र सिंह है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे मंडल कारा भेज दिया गया है। यह मामला 17 मार्च 1995 का है, जब पुरानी दुश्मनी के चलते महम्मदपुर थाना क्षेत्र के काशी टेंगराही गांव के वीरेश महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में उसी गांव के बृजकिशोर सिंह और सीताराम मेहरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी इस संबंध में गांव के शारदा सिंह, बच्चा सिंह, नारायण कुर्मी और राजेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान तीन अन्य आरोपियों की मौत हो गई गईं थी। कानूनी दांव-पेंच के कारण मुकदमे में लंबा समय लगा। आखिरकार, तीन दशकों के बाद कानून ने अपना काम किया और पीड़ित परिवार को न्याय मिला। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया। आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
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