प्रयागराज में 'चलो मन गंगा यमुना तीर' का समापन:सांस्कृतिक केंद्र और संस्कार भारती ने किया रंगारंग आयोजन

प्रयागराज में 'चलो मन गंगा यमुना तीर' का समापन:सांस्कृतिक केंद्र और संस्कार भारती ने किया रंगारंग आयोजन




प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “चलो मन गंगा यमुना तीर” कार्यक्रम का रंगारंग समापन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को बढ़ावा देना था। समापन समारोह की मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, सौहार्द और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने इन आयोजनों को न्याय व्यवस्था की तरह समाज में संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने वाला बताया। कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध गायिका निकिता कुशवाहा के भजनों से हुई। उन्होंने “चलो मन गंगा यमुना तीर” जैसे भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद लोक गायिका रागिनी श्रीवास्तव ने “हम माघ महिनवा में गंगा नहाइब” और “बम बम बोल रहा है काशी” जैसे भजनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इस दौरान लोक नाट्य “महाराजा भरथरी” का भी मंचन किया गया। इस नाट्य में छल और षड्यंत्र के बावजूद सत्य की विजय का संदेश दिया गया। नारी के सतीत्व और दुराचरण का प्रभावी मंचन दर्शकों को भावविभोर कर गया। सांस्कृतिक संध्या का समापन रेवती रमण चतुर्वेदी के भजनों से हुआ। उन्होंने “चलो रे मन गंगा जमुना तीर” जैसे भजनों से कार्यक्रम को सुरमयी बनाया। कार्यक्रम में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने मुख्य अतिथि एवं सभी कलाकारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय पुरषार्थी ने किया।



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