टोंक में आरोग्य मेले में 10,000 मरीजों का हुआ इलाज:41 हजार लोगों ने विजिट की; चार दिन तक चला मेला

टोंक में आरोग्य मेले में 10,000 मरीजों का हुआ इलाज:41 हजार लोगों ने विजिट की; चार दिन तक चला मेला




टोंक के गांधी खेल मैदान में चल रहे आयुर्वेद के संभाग स्तरीय आरोग्य मेले में करीब दस हजार मरीजों का इलाज हुआ है। वहीं 41 हजार लोगों ने विजिट की है। 13 से 16 फरवरी तक हुए मेले का आज सोमवार को अंतिम दिन था। समापन समारोह में मुख्य अतिथि आयुर्वेद विभाग अजमेर के अतिरिक्त निदेशक डॉ रमेश मीणा और विशिष्ट अतिथि अजमेर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉक्टर शिव सिंह व केम्प उपनिदेशक जयपुर डॉ. घनश्याम मीना थे। मेले में मरीजों का हुआ निशुल्क इलाज
डॉ. रमेश मीणा ने मेला स्थल पर सभी सेवाओं का निरीक्षण करने के साथ डॉक्टर व लाभार्थियों से भी बातचीत की। उन्होंने मेले को विभाग की ओर से होने वाले मेलों में सर्वश्रेष्ठ बताया। इस मौके पर उपनिदेशक जयपुर कैंप ऑफिस डॉ घनश्याम मीणा ने भी आयुर्वेद के प्रचार व प्रसार के लिए विभगीय डॉक्टरों की सराहना की। मेले का आयोजन राजस्थान सरकार व आयुर्वेद विभाग ने किया था। आयुर्वेद विभाग टोंक के उपनिदेशक डॉ रामसहाय बैरवा ने बताया कि मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा पद्धतियों द्वारा इलाज किया गया। सभी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी सलाह व स्वस्थ जीवन शैली, ऋतुचर्या, दिनचर्या के बारे में निशुल्क जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान विभिन्न सेशंस भी हुए, जिनमें आयुर्वेद के बारे में जानकारी दी गई। मेला प्रभारी डॉ प्रमोद बैरवा के अनुसार- आयुर्वेद चिकित्सा की लगभग 25 स्टॉल्स पर बाल रोग, स्त्रीरोग , क्षारसूत्र, अग्निकर्म, विद्धकर्म, जलौका अवचारण, स्वर्णप्राशन, जराजन्यव्याधि समेत कई बीमारियों का इलाज किया गया। जबकि 41 हजार 500 विजिटर्स मेले में आए। इस मौके पर निशुल्क परामर्श भी दिए गए। होम्योपैथी, यूनानी व सिद्धा पद्धतियों के द्वारा भी विभिन्न रोगों का निदान किया गया। होम्योपैथी से 1256, यूनानी से 1067 लोगों का इलाज किया गया। प्राकृतिक व योग चिकित्सा द्वारा भी लोगों को योग व दिनचर्या व स्वस्थ जीवन के सूत्र बताए गए। साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में भी बताया गया। समापन अवसर पर मेले में कार्यरत पूरी टीम का सम्मान किया। मेले मे डा. अमजद सैफी, डा. जीशान, डा. मोमिन, डा. जोहरा जबीं आदि ने भी मेले में मरीजों का उपचार किया तथा लोगों को यूनानी पैथी के बारे में जानकारी दी।



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