क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन:नोएडा से अलीगढ़ पहुंचा शव; मंगेतर प्रिया सरोज 3 दिन से अस्पताल में साथ थीं

क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन:नोएडा से अलीगढ़ पहुंचा शव; मंगेतर प्रिया सरोज 3 दिन से अस्पताल में साथ थीं




क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4.36 बजे निधन हो गया है। वे 60 साल के थे। उन्हें फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर था। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ से ग्रेटर नोएडा के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। वहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह मंगलवार को टीम इंडिया का साथ छोड़कर चेन्नई से सीधे नोएडा पहुंचे थे। उन्हें टी-20 विश्वकप का प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था। 25 फरवरी को रिंकू चेन्नई लौट आए थे और टीम के साथ जुड़ गए थे। हालांकि, 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए सुपर-8 के मैच में वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। वे सब्सिट्यूट के तौर पर मैदान पर फील्डिंग कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, पिता के निधन की खबर मिलने के बाद रिंकू घर लौट रहे हैं। रिंकू की मंगेतर और मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज ने फोन पर दैनिक भास्कर से बात की। बताया- प्रिया कई दिनों से रिंकू के परिवार के साथ हैं। हम भी रात में गए थे। वापस आते वक्त रास्ते में निधन की सूचना मिली। इस बीच, रिंकू के पिता का पार्थिव शरीर अलीगढ़ पहुंच चुका है। शाम को उनका अंतिम संस्कार होगा। रिंकू के पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे क्रिकेटर रिंकू का बचपन काफी कठिनाई भरा रहा है। KKR को दिए एक इंटरव्यू में रिंकू ने अपनी जिंदगी के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था- परिवार में 5 भाई हैं। पापा सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। हम पांचों भाइयों से भी काम करवाते। हम बाइक पर 2-2 सिलेंडर रखकर होटलों और घरों में डिलीवर करने जाते थे। रिंकू ने बताया था कि उन्होंने टेनिस और लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। UP के अलीगढ़ में मॉडर्न स्कूल से भी क्रिकेट खेला। शुरुआत में क्लब क्रिकेट खेलने के पैसे नहीं थे तो सरकारी स्टेडियम में कार्ड बनवाकर प्रैक्टिस करते थे। रिंकू ने बताया था- मैच खेलने के लिए पैसे लगते, घरवालों से मांगो तो कहते थे कि पढ़ाई करो। पापा खेलने के लिए हमेशा मना करते थे, मम्मी थोड़ा सपोर्ट करती थीं। शहर के पास एक टूर्नामेंट हुआ, उसके लिए पैसे चाहिए थे। मम्मी ने दुकान से एक हजार रुपए उधार लेकर दिए थे। रिंकू सिंह के पिता के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!