चुलकाना धाम में फागुन के रंग में रंगे भक्त:श्याम बाबा के संग खेली गई फूलों और गुलाल की होली; दो दिन बंद रहेंगे पट

चुलकाना धाम में फागुन के रंग में रंगे भक्त:श्याम बाबा के संग खेली गई फूलों और गुलाल की होली; दो दिन बंद रहेंगे पट




पानीपत के चुलकाना स्थित श्याम मंदिर में सोमवार को श्याम बाबा के साथ होली का भव्य उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर वृंदावन ट्रस्ट के महासचिव हरीश बंसल सहित अनेक भक्तों ने बाबा के चरणों में हर्षोल्लास के साथ फूलों और रंगों से होली खेली। भक्तिमय माहौल में पूरा धाम “श्याम बाबा की जय” के जयकारों से गूंज उठा। हरीश बंसल ने अपने परिवार और अन्य सदस्यों के साथ भक्तिपूर्ण वातावरण में श्याम बाबा के संग होली खेली। मंदिर समिति के प्रधान रोशन लाल ने सभी उपस्थित भक्तों का स्वागत किया और बताया कि उत्सव के बाद मंदिर को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है ताकि सफाई और व्यवस्था का कार्य किया जा सके। बढ़ती श्रद्धा और भक्तों की भीड़ प्रधान रोशन लाल ने कहा कि पहले होली पर धाम में श्याम प्रेमियों की भीड़ सीमित रहती थी, लेकिन अब सुबह से ही भक्त बाबा के साथ होली मनाने के लिए उमड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दर्शन के लिए सभी इंतजाम सुव्यवस्थित किए गए हैं और श्याम बाबा अपने दर पर आने वालों की झोली खुशियों से भर देते हैं। पुजारियों ने बढ़ाया भक्तों का उत्साह मंदिर के पुजारी फतेह सिंह और कुलदीप ने भक्तों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि श्याम बाबा हारे के सहारे हैं और यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। उन्होंने चुलकाना धाम को पूरे भारत से आने वाले श्याम प्रेमियों का प्रमुख केंद्र बताया और सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। भक्त बर्बरीक की कथा से जुड़ी भक्ति हरीश बंसल ने परिवार संग होली खेलते हुए भक्त बर्बरीक (भीम पुत्र) की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि महाभारत में बर्बरीक ने शीश दान किया था, जिसके बाद भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलयुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्याम बाबा की भक्ति दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और चुलकाना धाम की लोकप्रियता इसका प्रमाण है। जयकारों से गूंज उठा धाम पूरे कार्यक्रम के दौरान श्याम प्रेमियों ने भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। फूलों की वर्षा और रंगों की छटा के बीच श्रद्धालुओं ने श्याम बाबा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। यह उत्सव चुलकाना धाम की बढ़ती लोकप्रियता और भक्तों की गहरी आस्था का प्रतीक बन गया।



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