Durg Medical Store Owner Fined Rs 1 Lakh Under NDPS Act, Gets 12 Years Jail

Durg Medical Store Owner Fined Rs 1 Lakh Under NDPS Act, Gets 12 Years Jail


दुर्ग-भिलाई5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

दुर्ग जिले में नशीली सिरप बेचने के मामले में विशेष न्यायालय ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को 12 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय (चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश) दुर्ग की न्यायाधीश सुनीता टोप्पो की अदालत ने आरोपी अनिल सिंह को यह सजा सुनाई।

यह फैसला अपराध क्रमांक 275/2024 और प्रकरण क्रमांक 77/2024 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21(सी) के तहत सुनाया गया है। मामले में विशेष लोक अभियोजक प्रकाश शर्मा ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को नेवई थाने में पदस्थ उप निरीक्षक खगेंद्र पठारे को एक मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि रिसाली के आजाद मार्केट स्थित न्यू कृतिका मेडिकल स्टोर का संचालक अनिल सिंह, अपनी दुकान की आड़ में प्रतिबंधित नशीली सिरप बेच रहा है।

बिना अनुमति कोडीनयुक्त सिरप बेचने पर पुलिस ने छापा मारा

सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपी अधिक मुनाफा कमाने के लिए बिना वैध अनुमति के कोडीनयुक्त सिरप ग्राहकों को बेच रहा था, जिसका उपयोग नशे के लिए किया जाता है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और मेडिकल स्टोर पर छापा मारा।

पुलिस ने दुकान और उससे लगे आवासीय हिस्से की तलाशी ली। जांच के दौरान, आरोपी के घर के कमरे में एक स्टील के ड्रम के अंदर गुलाबी रंग के प्लास्टिक बैग में रखी नशीली सिरप बरामद हुई।

तलाशी में कुल 12 बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद हुई, जिनमें 9 बोतल कोड्रिल-टी (Codril-T) सिरप और 3 बोतल प्लानोकॉफ (Planocof) सिरप शामिल थी। बरामद की गई यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (कमर्शियल क्वांटिटी) में पाई गई।

बरामद सिरप को जब्त कर पुलिस ने उसे फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेजा। एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि सिरप में कोडीन (Codeine) नामक नशीला तत्व मौजूद है। यह तत्व एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आता है और बिना अनुमति इसकी बिक्री अपराध मानी जाती है।

रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल सिंह को गिरफ्तार कर धारा 8 और 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में पेश किया।

कोर्ट में चली लंबी सुनवाई

मामले में 9 जनवरी 2025 को न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए। इसके बाद 15 जनवरी 2025 से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई, जो लगातार चली। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। इन गवाहों में पुलिस अधिकारी, जब्ती के साक्षी और जांच से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल थे।

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, दस्तावेज और एफएसएल रिपोर्ट को अदालत ने विश्वसनीय माना।

अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला

सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।

अदालत ने माना कि मेडिकल स्टोर जैसी जगह का उपयोग नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के लिए करना समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!