धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है

धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है




बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को दरबार में अपने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि धाम की व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। कई सेवादारों का व्यवहार भक्तों के प्रति ठीक नहीं है। भक्तों को धक्का देते हैं। कुछ सेवादारों की भाषा और व्यवहार बहुत ‘घटिया’ है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कई सेवादार भक्तों से इस तरह पेश आते हैं, जैसे वे किसी सैन्य व्यवस्था में खड़े हों। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चाय से ज्यादा तो केतली गरम हो रही है। उनका कहना था कि कई चेले उनकी पीठ पीछे खुद को ही गुरु समझने लगे हैं। ‘भौकाल देखकर चेले बन रहे लोग’
शास्त्री ने कहा कि कई चेले हमसे सादगी नहीं सीख पा रहे हैं। इनकी नजर सेवा पर नहीं, बाबा के भौकाल पर है। इन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से डायरेक्ट कनेक्शन है, इसलिए भौकाल है। सेवादारों को सेवा से नहीं, बल्कि गुरु के भौकाल से मतलब है। ‘माल-पानी और लौंडियाबाजी के चक्कर में बने सेवादार’
दरबार के दौरान शास्त्री ने कहा कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से धाम से जुड़े हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं। ‘हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तुम्हारा भी खोल देंगे’
शास्त्री ने अपने चेलों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनका भी सच सामने आ सकता है। चेलों की स्थिति विचित्र हो गई है। हमसे मिले ही नहीं और सेवादार बन गए। आधे से ज्यादा सेवादार मेरे नाम से बन गए। हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तो तुम्हारा भी पर्चा खोल देंगे। सफलता की अपनी परिभाषा भी बताई
दरबार के अंत में शास्त्री ने सफलता को लेकर अपनी सोच भी रखी। उन्होंने कहा कि धाम का नाम दुनिया में होना या बड़े नेताओं का यहां आना सफलता नहीं है। उनके मुताबिक असली सफलता यह है कि व्यक्ति का जीवन बिना किसी दाग के बीते और वह बेदाग रह सके। …………………………….. यह खबरें भी पढ़ें 1. शादी करने वाले हैं धीरेंद्र शास्त्री, बोले-जल्द खुशखबरी देंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी शादी को लेकर कहा है कि शादी निश्चित रूप से होगी और जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा मिलने के बाद वह जल्द ही माता की पसंद से ही विवाह करेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 2. धीरेंद्र शास्त्री बोले- हर मंदिर-मस्जिद, चर्च में रोज हो राष्ट्रगान बागेश्वर धाम के महाराज और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हर मंदिर, मस्जिद और चर्च में रोज राष्ट्रगान होना चाहिए। अगर कोई भी धर्मस्थल राष्ट्रगान से मना करता है तो ये पता चल जाएगा कि कौन राष्ट्रदोही है और कौन राष्ट्रप्रेमी। पढ़ें पूरी खबर… धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ी ये खबरें भी जरूर पढ़िए



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