सोनीपत में रिश्वतखोर एएसआई 5 हजार के साथ गिरफ्तार:केस से बेटे का नाम निकालने के बदले मांगी थी रिश्वत; 10 हजार की डिमांड की थी

सोनीपत में रिश्वतखोर एएसआई 5 हजार के साथ गिरफ्तार:केस से बेटे का नाम निकालने के बदले मांगी थी रिश्वत; 10 हजार की डिमांड की थी




सोनीपत में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। रोहतक टीम ने सोनीपत में तैनात एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी एक मामले में राहत देने और युवक का नाम निकालने के बदले रिश्वत मांग रहा था। आरोपी को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रोहतक ने थाना HSIIDC बडी, जिला सोनीपत में तैनात 45 साल के एएसआई पवन कुमार निवासी गांव जबाला, जिला करनाल को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी थी शिकायत
गन्नौर के गांव गढ़ी केसरी के रहने वाले प्रमोद ने एंटी करप्शन ब्यूरो रोहतक को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके और उसके बेटे के खिलाफ लड़ाई-झगड़े के मामले में थाना HSIIDC बडी में 3 जनवरी 2026 को धारा 351(3), 3(5), 126 और 115 बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ था।
राहत देने और बेटे का नाम निकालने के बदले मांगे थे 10 हजार रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार 5 मार्च 2026 को वह और उसका बेटा थाना जाकर अपनी कच्ची जमानत करवा चुके थे। इसके बाद 10 मार्च 2026 को मामले के जांच अधिकारी एएसआई पवन कुमार ने फोन कर मुकदमे में राहत देने और उसके बेटे का नाम केस से निकालने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
एसीबी टीम ने योजना बनाकर की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एसीबी रोहतक ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 12 मार्च 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। निरीक्षक फतेह सिंह के नेतृत्व में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उपकेंद्र झज्जर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेड की और आरोपी एएसआई को थाना HSIIDC बडी से 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति : निदेशक
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चावला ने आमजन से अपील की कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।



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