CAG रिपोर्ट- कई जवानों को समय पर वेतन-भत्ते नहीं मिले:मिलिट्री अस्पतालों में कमियां मिलीं, सेना से जुड़े काम के रिकॉर्ड डिजिटल करने की सिफारिश
कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) की डिफेंस पर रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई। इसमें कई मिलिट्री अस्पतालों के रखरखाव में कमी की ओर भी इशारा किया गया है। यह भी बताया गया है कि काफी संख्या में सेना के जवानों को उनके वेतन-भत्ते समय पर और सही तरीके से नहीं मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के निर्माण कार्यों से जुड़े साइट रिकॉर्ड्स ठीक से नहीं रखे गए। इससे काम की क्वालिटी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हुआ। ऑडिट ने सिफारिश की है कि रक्षा मंत्रालय साइट रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करे। साइट रिकॉर्ड्स में काम की प्रगति, मेटेरियल और टेस्ट रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड होती हैं। वहीं CAG सरकारी खर्च और कामकाज का ऑडिट करने वाली संस्था है। रिपोर्ट में 3 हिस्सों की जांच की गई… अलग-अलग सिस्टम के बीच तालमेल बेहतर नहीं बिना लाइसेंस X-ray मशीनें चल रही थी ऑडिट में पाया गया कि कई जगह बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन नहीं हुआ। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से जुड़े डाक्यमेंट्स भी नहीं रखे गए। कुछ अस्पतालों में बिना लाइसेंस के X-ray मशीनें चलाई जा रही थी। सात कमांड्स की समीक्षा में वेस्टर्न कमांड में सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने कुछ सुधार शुरू किए हैं, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। ———— ये खबर भी पढ़ें… IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे केंद्र सरकार ने आईटी नियमन- 2021 में बदलाव का नया मसौदा जारी कर दिया है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्देश, गाइडलाइन, एडवाइजरी माननी ही होगी। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित डिजिटल मीडिया कंपनियां सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराई जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
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