ट्रेनिंग के नाम पर वसूली:वर्क फ्रॉम होम से हजारों कमाई करने का लालच देकर बेरोजगारों को फंसा रहे ठग

ट्रेनिंग के नाम पर वसूली:वर्क फ्रॉम होम से हजारों कमाई करने का लालच देकर बेरोजगारों को फंसा रहे ठग




घर बैठे काम यानी वर्क फ्रॉम होम की आड़ में साइबर ठग ठगी के नए नए जाल बुन रहे हैं। लोगों को फंसाने के लिए शहरों कस्बों के चौक चौराहे गलियों में पर्चे चस्पा किए जाते हैं। जिनमें घर बैठे कमाई से जुड़े ऑनलाइन और ऑफलाइन काम के बारे में लिखा होता है। यही नहीं, पर्चे में लिखा जाता है कि इस काम को कोई भी कर सकता है। आसानी से 5 हजार से लेकर हजारों रुपयों की कमाई करें। पर्चों में संपर्क के लिए नंबर दिए जाते हैं। जिन पर वॉट्सएप कॉल करने के लिए कहा जाता है।
ठगी के इस पैटर्न को समझने के लिए हमारी टीम ने लगातार पड़ताल की, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। हमने सौ से भी ज्यादा पर्चों के नंबरों की लिस्टिंग की। नंबरों पर संपर्क किया तो इनमें से बहुत से नंबर बंद मिले। जो चालू मिले, उनमें हमें कई तरह के अमेरिकी कंपनी में जॉब, बिजनेस, पार्टनरशिप, फाउंडर मेंबर बनने का मौका, डिजिटल मार्केटिंग, चैन मार्केटिंग, घर बैठे खुद का बिजनेस, सोशल मीडिया सर्वे, प्रमोशन, हेल्थ एडवाइजर का काम, जैसे काम बताए गए। इस पूरे खुलासे के लिए भास्कर रिपोर्टर ने ठगों के ग्रुप से 7 दिन तक जुड़कर ट्रेनिंग भी ली। ऑटो व दीवारों पर चस्पा पर्चों में लिखे 100 नंबरों पर कॉल किया भास्कर टीम ने जब 7868805*** पर संपर्क किया तो इस नंबर से हमें अमेरिकी कंपनी को ज्वाइन करने का ऑफर मिला। हमसे कहा गया कि आपको ऑनलाइन ट्रेनिंग मिलेगी। हमें हर दिन आधे से एक घंटे तक वीडियो को देखना होगा। कोई सबूत न रहे, ठगों ने हमें रोज नए चैनल से एक नए वीडियो का लिंक भेजा। वीडियो को बताए वक्त पर ही देखना होता था। उसके बाद ठग इसे डिलीट कर देते थे। वीडियो में हमें बताया गया कि कंपनी अमेरिकी है। जो ऑनलाइन काम करती है। इसका कारोबार डेढ़ सौ से ज्यादा देशों में फैला है। कंपनी में एंट्री लेवल पर हर माह 15 हजार रुपए कमाए जा सकते हैं। ट्रेनिंग में बताया गया कि ये बिजनेस अनपढ़ भी कर सकते हैं। 3-4 घंटे तक काम के बाद एक स्कोर मिलता है। जिसे सीसी कहते हैं। पेमेंट सीसी स्कोर से मिलता है। एक सीसी स्कोर मिलने से खाते में साढ़े 3 से 4 हजार रुपए आते हैं। आखिरी वीडियो में वीडियो भेजकर हमसे फाउंडर मेंबर बनने लिए 25 हजार रुपए मांगे। (यहां सीधे पैसे मांगने की जगह वीडियो लिंक के जरिए कंपनी के फाउंडर बनने का झांसा दिया गया।) 16 लाख की ठगी हुई
मंदिरहसौद के युवक रवि (बदला हुआ नाम) ने कहा कि उन्हें ऑनलाइन गूगल रिव्यू का जॉब दिया गया। इसमें एप साइट को रिव्यू करना होता था। शुरू-शुरू में काम के एवज में छोटी रकम मिली। टेलीग्राम पर ही सारा काम करना होता था। बाद में 16 लाख लेकर ठगों ने मोबाइल बंद कर लिया। 86 करोड़ होल्ड करवाए…
जागरूकता और रियल टाइम एक्शन से साइबर ठगी को रोकने में सफलता मिल रही है। साइबर शील्ड अभियान के जरिए छत्तीसगढ़, राजस्थान, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात में 890 आरोपी पकड़े, 86 करोड़ होल्ड करवाए गए। – प्रदीप गुप्ता, एडीजी, तकनीकी विभाग, छग पुलिस 550 इंस्पेक्टर को साइबर ट्रेनिंग प्रदेशभर में साइबर ठगी के मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। 550 इंस्पेक्टर को साइबर की ट्रेनिंग दी जा रही है। सबसे ज्यादा जरूरी है आम लोगों का जागरूक होना। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है।
विजय शर्मा, गृह मंत्री



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