बुरहानपुर में नेपा मिल ठेकाकर्मी प्रशासनिक भवन पहुंचे:4.5 माह का वेतन और ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग, कहा- नहीं मिला भुगतान
बुरहानपुर में एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड के ठेकाकर्मी बुधवार दोपहर मिल के प्रशासनिक भवन पहुंचे। उन्होंने मिल अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ठेकाकर्मियों ने एक निजी सिक्योरिटी सर्विस में किए गए कार्य के 4.5 महीने के वेतन का भुगतान कराने और ठेकेदारी पद्धति को समाप्त करने की मांग की। कर्मचारियों ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 18 जून 2023 से एक निजी सिक्योरिटी सर्विसेज के माध्यम से सेवाएं देना शुरू किया था। 1 अगस्त से 30 दिसंबर तक की 4.5 महीने की सैलरी उन्हें अब तक नहीं मिली है। इससे पहले भी, 18 जून 2022 से एक अन्य सिक्योरिटी सर्विसेज में काम करने के दौरान का पीएफ और बोनस भी उन्हें आज तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी गई थी, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। इसके अतिरिक्त, 17 जून 2021 में एक और सिक्योरिटी सर्विस में दी गई सेवाओं का 18 दिन का बकाया वेतन भी अब तक नहीं मिला है। बकाया राशि के लिए लगातार संपर्क और लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिला। ठेकाकर्मियों ने कहा कि वे पिछले 4-5 वर्षों से लगातार इन ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि उन्हें संविदा आधार पर या कलेक्टर रेट पर रखा जाए, ताकि उनका और उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कर्मचारियों ने मिल प्रबंधन को विश्वास दिलाया कि जिस प्रकार उन्होंने कंपनी का साथ दिया है, उसी प्रकार वे नेपा लिमिटेड को फिर से शुरू करने में पूरा सहयोग देंगे। अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। नेपा मिल के पीआरओ संदीप कुमार ठाकरे ने बताया कि वे निजी कार्य से बाहर हैं। वापस लौटने पर प्रबंधन को स्थिति से अवगत कराया जाएगा और समस्या का निराकरण करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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