Pakistan Petrol Price Hits Rs 458.41, Diesel Rs 520.35 Per Litre – Massive Hike Due to US-Iran War
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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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पाकिस्तान में केरोसिन के दाम भी 34.08 बढ़ाकर 457.80 रुपया प्रति लीटर कर दिए हैं।
पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है।
यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद लिया गया है। नई दरें गुरुवार आधी रात से लागू हो गई हैं।
पाकिस्तान में पेट्रोल 137.23 बढ़कर 458.41 और डीजल 184.49 बढ़कर 520.35 रुपया प्रति लीटर पर पहुंच गया। केरोसिन के दाम भी 34.08 रुपया बढ़ाकर 457.80 रुपया प्रति लीटर कर दिए हैं।
पिछले महीने पेट्रोल-डीजल 55 रुपया महंगा हुआ था। तब पेट्रोल 321.17 और डीजल 335.86 रुपया था। पाकिस्तान के 1 रुपया की वैल्यू भारत के 33 पैसे बराबर होती है। यानी भारत के 100 रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में करीब 300 रुपया के बराबर है।
दिल्ली में पेट्रोल 94 और डीजल 87 रुपए प्रति लीटर
पेट्रोल पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर जीरो किया गया
कीमतों में संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने पेट्रोलियम टैक्स दरों में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर टैक्स को 105 से बढ़ाकर 160 रुपया प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल न आए, इसलिए इस पर टैक्स को 55 रुपया से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्री बोले- सब्सिडी सीमित करना जरूरी
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस फैसले को मुश्किल फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
सरकार का मुख्य उद्देश्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और आर्थिक स्थिरता को बचाना है। मलिक के अनुसार, सरकार अब सब्सिडी केवल उन्हीं वर्गों को देगी जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
खपत कम करने के लिए कीमतें बढ़ाईं
प्रधानमंत्री के आर्थिक मामलों के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने एक इंटरव्यू में बताया कि पिछले महीने पेट्रोल की खपत में 8% और डीजल की खपत में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
इस खपत को नियंत्रित करने के लिए कीमतों में इजाफा किया गया। उन्होंने बताया कि सरकार पिछले तीन हफ्तों से इन कीमतों को रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए अब यह संभव नहीं रहा।
पाकिस्तान की आम जनता पर क्या असर होगा?
- महंगाई: डीजल की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे फल, सब्जियां और रोजमर्रा का सामान महंगा हो जाएगा।
- खेती: ट्रैक्टर और ट्यूबवेल चलाने के लिए डीजल महंगा होने से फसलों की लागत बढ़ेगी।
एक्सपर्ट का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें 600 रुपया के पार हो सकती हैं, जिससे देश में महंगाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की 5 वजह
IMF की सख्त शर्तें: पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज लेने की कोशिश कर रहा है। IMF ने शर्त रखी है कि सरकार ईंधन पर दी जाने वाली सभी सब्सिडी खत्म करे और भारी टैक्स वसूले।
पाकिस्तानी रुपये की गिरावट: डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया (PKR) लगातार कमजोर हो रहा है। चूंकि तेल का आयात डॉलर में होता है, इसलिए रुपया गिरने से सरकार को तेल खरीदने के लिए कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चैन में आ रही दिक्कतों का असर सीधे पाकिस्तान की जेब पर पड़ रहा है।
विदेशी मुद्रा भंडार: पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा की कमी है। बैंकों के पास डॉलर नहीं होने के कारण तेल आयात करने वाले जहाजों (L/Cs) को क्लियर करने में देरी हो रही है, जिससे देश में किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग बढ़ गई है।
पेट्रोलियम टैक्स: सरकार ने अपने राजस्व यानी रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर ‘पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी’ को अधिकतम सीमा तक बढ़ा दिया है। जनता को राहत देने के बजाय सरकार टैक्स से अपनी तिजोरी भरने पर मजबूर है।
होर्मुज रूट प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग शुरू होने के बाद होर्मुज रूट प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। इस वजह से ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल कीमत अभी 109.03 डॉलर प्रति बैरल है।
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