लाहौल स्पीति में मनाया गया आपदा जागरूकता दिवस:कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम, आपदा से बचाव के बताए उपाय
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर 4 अप्रैल लाहौल स्पीति जिले में ‘आपदा जागरूकता दिवस’ मनाया गया। यह आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सतर्क करने के उद्देश्य से किया गया था। इस अवसर पर जिले के सभी खंडों, पंचायतों, शहरी और सीमावर्ती इलाकों में व्यापक जागरूकता और तैयारी गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें ‘शेक आउट ड्रिल’ (‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन’) प्रमुख रही, जिसका अभ्यास 4 अप्रैल को पूरे जिले में एक साथ किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित निकासी मार्गों का अभ्यास करने की ड्रिल इसके अतिरिक्त, सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित निकासी मार्गों का अभ्यास करते हुए निकासी ड्रिल भी की गई। जिला उपमंडल दंडाधिकारी कुनिका ऐकर्स ने कार्यक्रम के दौरान भूकंप जैसी आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
जनहानि और नुकसान को कम करने का अभ्यास कुनिका ऐकर्स ने अभ्यास के माध्यम से बताया कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनहानि और नुकसान को कम किया जा सके। ऐकर्स ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए सभी को सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है। आपदा के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह कुनिका ऐकर्स कहा कि वर्तमान में भूकंपीय क्षेत्र को IV से V श्रेणी में उन्नत किए जाने के संदर्भ में आपदा से बचाव और रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों को आपदा के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया इसी क्रम में, उदयपुर में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उपमंडल केलांग में भूकंप जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली भी निकाली गई, जिसमें प्रतिभागियों ने ‘भूकंप से बचो तुम, खुद को बचाओ तुम’ का नारा दिया। यह जागरूकता रैली भारी बर्फबारी के बीच डीसी कार्यालय से रास बिहारी बोस चौक तक आयोजित की गई।
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