NEET Paper Leak | mafia group on whatsapp

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नई दिल्ली52 मिनट पहलेलेखक: सुनील मौर्य

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NEET 2026 का पेपर 1 मई को ही लीक कर दिया गया था। इसे प्राइवेट माफिया नाम के टेलीग्राम ग्रुप पर डाला गया था। इस पर भेजे गए सेट नंबर-12 के पेपर और 3 मई को हुई परीक्षा में आए 12 नंबर सेट में कई सवाल एक जैसे हैं।

इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दैनिक भास्कर ये दावा नहीं करता है कि ग्रुप में डाला गया पेपर NEET का लीक हुआ पेपर ही है। टेलीग्राम ग्रुप पर 1 मई की रात करीब 11:30 बजे डाले गए पेपर की PDF फाइल ओपन करने पर 12 नंबर का सेट दिखता है। इसकी पड़ताल करने के लिए हमने NEET के सेट नंबर-12 का पेपर निकाला।

पेपर लीक के लिए प्राइवेट माफिया नाम का ग्रुप बनाया गया था।

लीक बताए पेपर और NEET के पेपर में एक जैसे सवाल

NEET के पेपर में सवाल नंबर 5 में एक बॉल के वर्टिकली ऊपर जाने और उसके बैक आने को लेकर वेलोसिटी और टाइम बताने के लिए फिगर बनाया गया है। ये सवाल लीक पेपर और असली पेपर में 100% मैच कर रहा है। इस पेज के दूसरे सवाल भी पूरी तरह से मैच कर रहे हैं।

असली पेपर में सवाल नंबर 5

नंबर-23 और 24 भी वही हैं, जो प्राइवेट माफिया के पेपर में है। यहां तक कि सवाल नंबर भी वही है। सवाल नंबर-23 में लिखा है कि मोनोक्रोमेटिक लाइट की किरण एक प्रिज्म ABC से गुजर रही है। इस सवाल के साथ प्रिज्म की फोटो बनी है।

लीक पेपर और असली पेपर में वही फोटो है। यहां तक कि सवाल के चारों ऑप्शन भी एक ही हैं। यानी ऑप्शन नंबर 1 में 40 डिग्री, ऑप्शन 2 में 45 डिग्री, ऑप्शन 3 में 55 डिग्री और ऑप्शन 4 में 35 डिग्री लिखा है। यही चारों ऑप्शन लीक हुए पेपर में भी हैं। इसके बाद सवाल नबर-24 में जो सर्किट बनाया गया है, वही लीक पेपर और असली पेपर में भी है।

लीक पेपर में सवाल नंबर-23 और 24

असली पेपर में सवाल नंबर-23 और 24

402 मेंबर का ग्रुप, पासवर्ड से लॉक

प्राइवेट माफिया नाम के टेलीग्राम ग्रुप में कुल 402 मेंबर हैं। इसे 2024 में ही पेपर लीक के लिए बनाया गया था। 1 मई को पेपर अपलोड करने से पहले एडमिन प्राइवेट माफिया ने मैसेज में लिखा था कि हम जल्द ही फुल पेपर अपलोड कर रहे हैं। उसका पासवर्ड है LeakMafia@9466 है।

इस मैसेज के कुछ देर बाद ही रात में करीब 11:38 बजे लीक पेपर ग्रुप में डाल दिया गया। इसके बाद दूसरा मैसेज लिखा गया- जो पेपर हमने भेजा है। उसे सॉल्व कर लो। 99.99 प्रतिशत चांस है कि यही पेपर में आएगा।

टेलीग्राम ग्रुप में पासवर्ड भी भेजा गया था।

CBI कोर्ट में 5 आरोपियों की पेशी, 7 दिन की कस्टडी मिली

पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और गुरुग्राम के यश यादव को हिरासत में लिया है। CBI को इनकी 7 दिन की कस्टडी मिल गई है।

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीतू सिंह ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्पेशल CBI जज अजय गुप्ता के सामने दलील दी कि पुलिस कस्टडी मांगने की पहली वजह इस बड़ी साजिश का पता लगाना है क्योंकि लीक हुआ क्वेश्चन पेपर पूरे देश में फैलाया गया था। उनकी कस्टडी मांगने की दूसरी वजह यह पता लगाना है कि रैकेट की पहुंच कहां तक है और कितने सरकारी कर्मचारी और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोग इस काम में शामिल हैं।

पेपर लीक मामले में CBI ने 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है।

CBI के वकील की दलीलें…

  • शुभम खैरनार ने ही सबसे पहले टेलीग्राम पर यश यादव को पेपर भेजा था। यह मांगीलाल को लीक डॉक्युमेंट भेजने की उसकी योजना का हिस्सा था।
  • अप्रैल में शुभम खैरनार ने यश यादव को बताया था कि मांगीलाल ने उससे संपर्क किया है ताकि वह छोटे बेटे के लिए लीक पेपर का इंतजाम कर सके। इसके लिए बेटे ने 12 लाख रुपए खर्च किए थे। 29 अप्रैल को शुभम ने पैसों के बदले लीक पेपर देने का प्रस्ताव दिया।
  • शुभम ने यश यादव से 10वीं और 12वीं के डॉक्युमेंट, NEET का रोल नंबर और सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर एक चेक जमा करने के लिए कहा। यादव ने आगे अपने दोस्त यश कक्कड़ से कहा कि वह मांगीलाल से ये डॉक्युमेंट ले ले। आरोप है कि उसने ये डॉक्युमेंट शुभम को नहीं भेजे।
  • 29 अप्रैल को ही शुभम ने कथित तौर पर यश यादव को बताया कि वह फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लीक पेपर दिलाएगा। पेपर में 500-600 सवाल होंगे। इनकी मदद से अच्छे नंबर मिल सकते हैं और किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है।
  • उन्होंने हूबहू वही सवाल नहीं दिए, बल्कि सभी विषयों से सैकड़ों या उससे ज्यादा सवालों को मिलाकर एक सेट तैयार किया। इससे स्टूडेंट्स का एडमिशन हो जाता और किसी को इस बात की भनक भी नहीं लगती।
  • यश यादव को टेलीग्राम के जरिए लीक पेपर की PDF फाइल मिली। उसके फोन से एक PDF फाइल मिली है, जिसमें पेपर के वही सवाल थे। एजेंसी को उसकी शुभम और मांगीलाल के बीच हुई वॉट्सएप चैट भी मिली है।
  • मांगी लाल को 29 अप्रैल को टेलीग्राम पर यश यादव से लीक हुआ पेपर मिला था। यह सौदा 10 लाख रुपए में तय हुआ था। इस शर्त पर कि 150 सवाल असली पेपर से मेल खाएंगे।
  • मांगी लाल ने सवालों की प्रिंटेड कॉपियां बेटे अमन, चचेरे भाई ऋषि और गुंजन को दीं। ये सभी NEET का पेपर देने वालेे थे। यही कॉपियां बेटे के दोस्त विकास बीवाल और परिचित टीचर सत्य नारायण को भी दिए। ये सवाल सही जवाबों के साथ शेयर किए गए थे।
  • CBI की पूछताछ के दौरान मांगीलाल के बेटे विकास ने बताया कि सीकर में कोचिंग के दौरान वह यश यादव के संपर्क में आया था। विकास ने दावा किया था कि यश यादव पैसों के बदले NEET UG 2026 का पेपर दे सकता है। विकास ने यह भी बताया कि यश यादव ने उसके छोटे भाई अमन को भी पैसों के बदले पेपर देने का वादा किया था।
  • यश ने कथित तौर पर विकास से कुछ और उम्मीदवारों का इंतजाम करने के लिए भी कहा था। उनके लिए उसे लीक पेपर फ्री में दिया जाता। विकास ने कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और वॉट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए उनकी जानकारी यश यादव को दी।
  • यश यादव ने अपने आईफोन से अहम सबूत मिटा दिए थे, जैसे विकास और उसके पिता मांगीलाल के साथ हुई चैट की हिस्ट्री।

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