तेजा सिंह समुंदरी की 100वीं शहादत शताब्दी मनाएगी एसजीपीसी:फिल्म ‘सतलुज’ पर प्रतिबंध के विरोध में कल अमृतसर में रोष मार्च
अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारा सुधार आंदोलन और अकाली लहर के प्रमुख नेता सरदार तेजा सिंह समुंदरी की 100वीं शहादत शताब्दी 17 जुलाई को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने का फैसला किया है। इस अवसर पर अमृतसर स्थित शिरोमणि कमेटी कार्यालय के तेजा सिंह समुंदरी हॉल में विशेष धार्मिक और स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। 15 जुलाई से अखंड पाठ, 17 को मुख्य समारोह SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि 15 जुलाई से श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा, जिसके भोग के बाद 17 जुलाई को मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरदार तेजा सिंह समुंदरी ने गुरुद्वारों के स्वतंत्र प्रबंधन, पंथक सिद्धांतों की रक्षा और सिख समाज की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। धामी ने कहा कि उनकी शहादत सिख इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को सत्य, न्याय, निस्वार्थ सेवा और कौमी चेतना का संदेश देता रहेगा। समारोह में पंथ की प्रमुख हस्तियां शामिल होकर उनके जीवन और योगदान पर अपने विचार साझा करेंगी। 10 जुलाई को अमृतसर में निकलेगा रोष मार्च वहीं, एसजीपीसी ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा भी की है। सिखों के साथ हुई कथित ज्यादतियों और भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में 10 जुलाई यानी कल अमृतसर में रोष मार्च निकाला जाएगा। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि फिल्म में भाई जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा मानवाधिकारों के लिए किए गए संघर्ष और सिख युवाओं के साथ हुए कथित पुलिस अत्याचारों को दिखाया गया है। उनका आरोप है कि फिल्म पर रोक लगाकर सरकार ने सच्चाई की आवाज को दबाने का प्रयास किया है, जो उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को शिरोमणि कमेटी अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय तक शांतिपूर्ण रोष मार्च निकालेगी और फिल्म से प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेगी।
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