Pakistan Vs India; Khawaja Asif Vs PoK Protest Firing
इस्लामाबाद26 मिनट पहले
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तस्वीर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की है। उन्होंने हाल ही में PoK में हुए प्रदर्शनों पर बयान दिया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी
आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में पुलिस की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यहां चुनाव के विरोध में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने मार्च निकाला था।
प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए…
5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां
मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने JAAC के आरोपों से इनकार किया है। सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें…
रावलकोट में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई थी।
चुनाव के बीच रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग इकट्ठा होकर पाकिस्तान सरकार और वहां की सत्ता व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
POK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है?
POK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 8 सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रेट्स और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए हैं। बाकी 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं। इन्हीं 45 सीटों में 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता POK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य हिस्सों में रहते हैं। इस बार इन 12 सीटों पर करीब 6 लाख मतदाता वोट डालेंगे।
JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां POK की सरकार के गठन में दखल देती हैं। कई बार इन सीटों के नतीजे विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। यही वजह है कि JAAC की मांग है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था खत्म की जाए।
विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं।
चुनाव का विरोध कर रही JAAC कौन है
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कई राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों का गठबंधन है।
यह संगठन पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय अधिकारों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर आंदोलन करता रहा है। 2024 में JAAC ने महंगाई, बिजली बिल और टैक्स के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था।
भारत ने PoK में चुनाव को दिखावटी कवायद बताया
भारत ने PoK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे ‘दिखावटी कवायद’ बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है।
ख्वाजा आसिफ ने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की धमकी दी थी
ख्वाजा आसिफ पहले भी विवादास्पद बयान देते रहे हैं। जून में उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर कहा था कि जिस पल हमें जल सुरक्षा पर खतरा लगा, हम भारत के खिलाफ जंग छेड़ देंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा भड़क गई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर झड़पें भी हुईं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

