Vande Bharat Express Surat to Ahmedabad Heart Transplant Green Corridor

Vande Bharat Express Surat to Ahmedabad Heart Transplant Green Corridor


20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश में पहली बार एक दिल को ट्रांसप्लांटेशन के लिए वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन से सूरत से अहमदाबाद लाया गया। इस हार्ट ट्रांसप्लांटेशन के लिए पहले हॉस्पिटल से स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके बाद हार्ट को अहमदाबाद के एक कार्डियक टीचिंग अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचाया गया।

रेलवे के मुताबिक शुक्रवार को हुए इस पूरे घटनाक्रम में सूरत से अहमदाबाद की 250km की दूरी तय करने में वंदेभारत ने करीब 217 मिनट का वक्त लिया।

स्टेशन तक बनाया ग्रीन कॉरिडोर, 2 तस्वीरें…

डोनर का दिल स्पेशल बॉक्स और विशेष घोल में रखकर लाया गया।

स्टेशन से अहमदाबाद के हॉस्पिटल तक एक बार फिर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

4 एजेंसियों की मदद से बना ग्रीन कॉरिडोर

रेलवे, गुजरात पुलिस, आरपीएफ और मेडिकल टीमों के बीच मजबूत तालमेल से दिल को हॉस्पिटल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अहमदाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यूएन मेहता इंस्टीट्यूट तक हार्ट को तेजी से पहुंचाने के लिए RPF और गुजरात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया था।

अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने इसे भारतीय रेलवे के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने पहली बार वंदेभारत एक्सप्रेस ने हार्ट को पहुंचाकर इतिहास बना दिया है।

मुख्यमंत्री बोले- ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन में हर सेकंड कीमती

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया में हर सेकंड कीमती होता है। वंदे भारत की तेज रफ्तार के कारण ही यह प्रयास संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अबतक 77 सफल हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए बधाई दी।

हार्ट ट्रांसप्लांटेशन से जुड़ा नॉलेज फैक्ट

  • दिल को निकालने के बाद उसे लगभग 4°C तापमान पर रखा जाता है। पहले उसे विशेष ठंडे सॉल्यूशन से दिल में बनी खून लाने-ले जाने वाली नलियों को धोया जाता है, जिससे खून निकल जाता है।
  • ऐसा करने से दिल की ऑक्सीजन की जरूरत बहुत कम हो जाती है। इसके बाद हृदय को उसी घोल से भरे स्टरल बैग में रखकर बर्फ वाले कंटेनर में अस्पताल पहुंचाया जाता है।
  • आमतौर पर 6 घंटे के भीतर ट्रांसप्लांटेशन सबसे सुरक्षित माना जाता है। समय बढ़ने पर इसके सफल होने की संभावना कम हो सकती है।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

अहमदाबाद के युवक के सीने में धड़केगा गौरव का दिल: ब्रेन डेड आर्टिस्ट की किडनियां और लिवर इंदौर में ट्रांसप्लांट, आई बैंक को दीं आंखें

मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले सतीश दवे और कविता दवे के 25 साल के बेटे गौरव को 13 जुलाई को अचानक ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन गौरव की हालत नहीं सुधरी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत दो बार मेडिकल चेकअप के बाद स्पेशलिस्ट टीम ने गौरव को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

परिवार की सहमति से गौरव का हार्ट, लिवर, किडनियां और आंखें दान की गई हैं। इसके लिए सोमवार को इंदौर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!