झालावाड़ निकाय चुनाव में AAP की एंट्री:भाजपा-कांग्रेस के समीकरण बिगड़ने के आसार, कई वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला
झालावाड़ में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच होने वाले संभावित मुकाबले में इस बार आम आदमी पार्टी (आप) की सक्रियता ने नया कोण जोड़ दिया है। 45 वार्डों वाली झालावाड़ नगर परिषद के साथ डग, खानपुर और झालरापाटन निकायों में भी आप संभावित प्रत्याशियों की तलाश में जुटी है। ऐसे में कई वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन सकते हैं। भाजपा-कांग्रेस का मजबूत संगठन, आप की नई रणनीति भाजपा और कांग्रेस के पास वर्षों से मजबूत संगठनात्मक ढांचा और जमीनी कार्यकर्ताओं का बड़ा आधार है। वहीं, आप भी इस बार निकाय चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि कई वार्डों से मजबूत दावेदार उनके संपर्क में हैं। आप के जिलाध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पार्टी में निकाय चुनाव को लेकर लगातार मंथन जारी है। झालावाड़ नगर परिषद के साथ-साथ डग, खानपुर और झालरापाटन निकायों में भी संभावित प्रत्याशियों से संपर्क किया जा रहा है। चारों विधानसभा क्षेत्रों में संगठन सक्रिय आप ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। ये पदाधिकारी संगठन को चुनाव के लिए सक्रिय करने और संभावित प्रत्याशियों से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं। पार्टी का प्रयास स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत कर चुनावी मैदान में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने का है। झालावाड़ नगर परिषद पर विशेष फोकस आप ने झालावाड़ नगर परिषद को विशेष रूप से फोकस में रखा है। पार्टी की रणनीति ऐसे वार्डों में मजबूत दावेदार उतारने की है, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला रहता है। हालांकि अभी तक पार्टी ने प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं किए हैं, लेकिन उसकी बढ़ती सक्रियता ने चुनावी चर्चा को जरूर तेज कर दिया है। टिकट कटे तो बदल सकता है पूरा गणित निकाय चुनाव में सबसे बड़ा असर भाजपा और कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद देखने को मिल सकता है। दोनों प्रमुख दलों में टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण कई नेताओं को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में बगावत या निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में यदि आप को मजबूत दावेदार मिलते हैं, तो वह भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। 21 पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के तहत आप ने 21 पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। झालावाड़ में चुनाव संचालन प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन पालीवाल की देखरेख में होने की बात कही गई है। फिलहाल झालावाड़ में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है, लेकिन आप की सक्रियता ने चुनावी तस्वीर में तीसरा कोण जोड़ दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आप 45 में से कितने वार्डों में प्रत्याशी उतारती है और उसके उम्मीदवार भाजपा-कांग्रेस के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित कर पाते हैं।
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