नवादा में संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू:पाचुंगढ़ गोलीबारी में 2 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले कर चुका सरेंडर; दोनों पक्षों पर भी मुकदमा
नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के पाचुंगढ़ स्थित चंद्रवंशी नगर में 1 सितंबर 2026 को दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई। SIT ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, मुख्य आरोपी नीरज कुमार उर्फ कारू डॉन के खिलाफ वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वारंट जारी पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कोर्ट से वारंट मिल चुका है। सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने विवादित, भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाई। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ऐसे पोस्ट पर लगातार नजर रख रही है। साइबर थाने में दो FIR, हिसुआ थाने में भी पांच मामले दर्ज इस मामले में साइबर थाने में 4 सितंबर 2026 को कांड संख्या 82/26 और 83/26 दर्ज किए गए हैं। वहीं, हिसुआ थाने में पांच और FIR दर्ज हैं, जिनमें कांड संख्या शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी मामलों की जांच जारी है। विवादित पोस्ट हटाने के लिए जरूरत के हिसाब से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से भी तालमेल किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए SDO सदर के आदेश पर धारा 163 BNS लागू की गई है। बगोदर, विश्वशांति चौक और अन्य संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीनियर अधिकारियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और गलत जानकारियों पर भरोसा न करें। साथ ही, भड़काऊ पोस्ट को शेयर या फॉरवर्ड न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों पर मुकदमा, पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी भी नामजद साइबर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर ने बताया कि एक मामले में पूर्व एमएलसी अशोक चंद्रवंशी और दूसरे में मोनू सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक पक्ष ने बहुजन समाज, जबकि दूसरे पक्ष ने सवर्ण समाज के प्रति आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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