Sonu Sood Ganesh Chaturthi 2026


34 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

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गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर एक्टर सोनू सूद के घर भी गणपति बप्पा विराजे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सोनू ने गणेशोत्सव की तैयारियों से लेकर बप्पा से अपनी दुआ और फिल्मों में धार्मिक कहानियों पर खुलकर बात की।

पत्नी सोनाली संभालती हैं गणेशोत्सव की जिम्मेदारी

सोनू ने बताया कि घर में गणेशोत्सव की पूरी जिम्मेदारी उनकी पत्नी सोनाली संभालती हैं। उन्होंने कहा कि थीम चुनने से लेकर सजावट को कोऑर्डिनेट करने तक का काम सोनाली ही करती हैं। सोनू के मुताबिक, वह कई सालों से यह जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभा रही हैं।

सोनू ने कहा कि बप्पा के आने के साथ ही घर में खुशियों की लहर शुरू हो जाती है। उनके मुताबिक, बप्पा से कुछ मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। वह हमेशा यही दुआ करते हैं कि बप्पा जिंदगी में सब ठीक रखें, लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाएं और आगे का रास्ता दिखाते रहें।

1996 में सोनू सूद ने सोनाली से शादी की थी।

बोले- बप्पा ने हाथ थामा है, हमेशा ऐसे ही थामे रखें

सोनू ने कहा कि वह हमेशा यही चाहते हैं कि बप्पा उनका हाथ थामे रखें। उन्होंने कहा, “आपने हाथ थामा है, यहां तक लेकर आए हैं, हमेशा हाथ ऐसे ही थामे रखें।”

सोनू ने आगे कहा कि जिंदगी का आगे का सफर भी बप्पा के दिखाए रास्ते पर ही बीते।

दुनिया में शांति की मांगी दुआ

अगर बप्पा से एक वरदान मांगने का मौका मिले तो सोनू ने दुनिया में शांति की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि दुनिया में बाढ़, भूकंप और युद्ध जैसी कई परेशानियां आती रहती हैं। वह चाहते हैं कि इन मुश्किलों का अंत हो और लोगों की जिंदगी फिर से खुशहाल हो।

सोनू सूद और सोनाली के दो बेटे हैं, जिनका नाम ईशांत और अयान है।

बोले- बप्पा से सीखा, लोगों के विघ्न दूर करने की कोशिश करें

सोनू ने कहा कि हमारी संस्कृति और धार्मिक कहानियां हमें जिंदगी जीने की सीख देती हैं। उन्होंने रामायण और महाभारत का उदाहरण दिया।

सोनू के मुताबिक, बप्पा को विघ्नहर्ता कहा जाता है। इसलिए उन्होंने बप्पा से यह भी सीखा है कि हमें दूसरों की तकलीफें दूर करने की कोशिश करनी चाहिए।

सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं सोनू

सोनू ने बताया कि वह सिद्धिविनायक मंदिर नियमित रूप से जाते हैं। शूटिंग के लिए कहीं बाहर भी जाते हैं तो आसपास मंदिर होने की जानकारी मिलने पर दर्शन करने पहुंचते हैं।

सोनू सूद ने ढोल बजाकर गणपति बप्पा का स्वागत किया।

बोले- मुंबई में कोई नहीं जानता था, आज बड़ा परिवार साथ है

अपने जीवन के सबसे बड़े चमत्कार के बारे में सोनू ने कहा कि जब वह मुंबई आए थे, तब उन्हें कोई जानता नहीं था। आज उनका परिवार लगातार बड़ा हो रहा है और लोग उनसे जुड़ते जा रहे हैं। सोनू ने इसे बप्पा की सबसे बड़ी ब्लेसिंग बताया।

सोनू ने ‘हनुमान अंश’ को लेकर अपनी राय रखी

वहीं फिल्म हनुमान अंश को लेकर सोनू ने कहा, “मुझे लगता है कि ये कहानियां हमारे सिनेमा से कहीं न कहीं गायब हो गई थीं। इन कहानियों का वापस चलना इस बात का मैसेज है कि अच्छी कहानियां बनाएं। हमारी जो कल्चर के साथ जुड़ी हुई कहानियां, हमारे धर्म के साथ जो जुड़ी हुई कहानियां हैं, उनको बताएं क्योंकि जनरेशन कोई भी हो, चाहे जेन-जी हो, पुरानी हो, नई हो, वो अच्छी कहानियां सुनना चाहते हैं, जिससे वो कनेक्ट कर पाएं और हनुमान अंश उसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है और मुझे लगता है कि उससे सीखते हुए फिल्ममेकर्स और अच्छी कहानियां बनाते रहेंगे।”

सोनू ने कहा कि अगर फिल्ममेकर्स को उनके लायक ऐसी कोई कहानी मिलती है तो वह जरूर उसका हिस्सा बनना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद भी ऐसी कहानियों पर काम करते रहते हैं।

सोनू सूद के करियर की बात करें तो उन्होंने करियर की शुरुआत में 2004 में ‘युवा’ और 2005 में ‘आशिक बनाया आपने’ जैसी फिल्मों में काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘जोधा-अकबर’ (2008) और ‘दबंग’ (2010) में काम किया। ‘दबंग’ में विलेन छेदी सिंह का रोल उन्हें खास पहचान दिलाई।

सोनू सूद ने हिंदी, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम किया है।

तेलुगु फिल्म ‘अरुंधति’ (2009) के लिए उन्हें नंदी अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। ‘जुलाई’ (2012) में भी उनके अभिनय की खूब सराहना हुई। इसके अलावा ‘शूटआउट एट वडाला’ (2013), ‘आर…राजकुमार’ (2013), ‘हैप्पी न्यू ईयर’ (2014), ‘कुंग फू योगा’ (2017) और ‘सिंबा’ (2018) उनकी फिल्मों में शामिल हैं।

2016 में उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी “शक्ति सागर प्रॉडक्शंस” शुरू की। फिल्मों के साथ-साथ सोनू सूद अपने मानवीय कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं और उन्हें यूनाइटेड नेशन्स द्वारा सम्मानित किया गया।



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