A formality in the name of a solution | समाधान के नाम पर खानापूर्ति: ये कैसी जनसुनवाई… 9-9 महीनों से चक्कर काट रहे लोग, डरा-धमकाकर बंद की जा रहीं शिकायतें – Bhopal News
हर मंगलवार को कलेक्टोरेट में होने वाली जनसुनवाई महज खानापूर्ति बन गई है। यहां शिकायतें दर्ज तो हो रही हैं, लेकिन समाधान के बिना ही बंद कर दी जा रही हैं। स्थिति यह है कि एक ही समस्या के लिए लोगों को कई-कई बार जनसुनवाई में आना पड़ रहा है।
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- सीवेज, पाइप लाइन और बिजली संबंधी शिकायतें महीनों से लंबित
बता दें, जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद इसे सीएम हेल्पलाइन में अपलोड किया जाता है। शिकायत को संबंधित विभाग में निराकरण के लिए भेजा जाता है। लेकिन, यहां पहुंचने वाले अधिकतर लोगों की शिकायत या तो पेंडिंग रहती हैं या फिर आवेदक को बुलाकर उससे ओटीपी लेकर शिकायत को बंद कर दिया जाता है।
रहवासी मोहल्लों की सीवेज समस्या, आवासीय क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन टूटने, सड़क निर्माण में देरी, बिजली बिलों की गलत वसूली और सरकारी योजनाओं में पेंडिंग फाइल जैसी शिकायतें महीनों से लंबित हैं। शिकायतकर्ता बताते हैं कि वे हर मंगलवार कलेक्टोरेट पहुंचते हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन लेकर लौटना पड़ता है। उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है।

