A young man died in a wild elephant attack in Latehar. | लातेहार में जंगली हाथी के हमले में युवक की मौत: जंगल के रास्ते घर लौट रहा था युवक, पीटीआर के छिपादोहर वन क्षेत्र में हुआ हादसा – latehar News

A young man died in a wild elephant attack in Latehar. | लातेहार में जंगली हाथी के हमले में युवक की मौत: जंगल के रास्ते घर लौट रहा था युवक, पीटीआर के छिपादोहर वन क्षेत्र में हुआ हादसा – latehar News



लातेहार जिले के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) अंतर्गत छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले से एक युवक की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना रविवार शाम करीब छह बजे की है। मृतक की पहचान छिपादोहर थाना क्षेत्र के मतनाग गांव निवासी बिरेंद्र कोरवा के रू

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जंगल के रास्ते घर लौट रहा था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिरेंद्र कोरवा रविवार को केड़ बाजार से खरीदारी कर जंगल के रास्ते अपने गांव मतनाग लौट रहा था। रोजमर्रा की तरह वह पैदल ही वन क्षेत्र से होकर घर जा रहा था। इसी दौरान छिपादोहर पूर्वी वन क्षेत्र के अंदर अचानक एक जंगली हाथी सामने आ गया। कुछ समझ पाता, उससे पहले ही हाथी ने उस पर हमला कर दिया।

पटक कर कुचल दिया,मौके पर हुई मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने बिरेंद्र कोरवा को पहले सूंड से पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जंगल के अंदर हुई इस घटना की खबर आसपास के ग्रामीणों तक पहुंची, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही छिपादोहर पूर्वी रेंजर अजय टोप्पो और प्रभारी वनपाल राम कश्यप वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी की गई। वन विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

परिजनों को मिलेगा मुआवजा, सतर्क रहने की अपील

इस संबंध में छिपादोहर पूर्वी रेंजर अजय टोप्पो ने बताया कि मृतक के परिजनों को सरकार के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। ऐसे में लोगों को जंगल क्षेत्र से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

ग्रामीणों में भय, सुरक्षा की मांग

घटना के बाद मतनाग और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से होकर आना-जाना उनकी मजबूरी है, लेकिन हाथियों की बढ़ती गतिविधियों के कारण जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था करने की मांग की है।



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