AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना

AI क्रांतिः तैयार सॉफ्टवेयर का दौर खत्म:भारतीय आईटी इंडस्ट्री के अरबों डॉलर बिजनेस मॉडल को बदल रहे, डेटा और एआई एजेंट का जमाना




ग्लोबल टेक इंडस्ट्री एक निर्णायक मोड़ पर हैं, जहां पुराने अरबों डॉलर के बिजनेस मॉडल तेजी से ध्वस्त हो रहे हैं। क्लाउड, एआई और ऑटोमेशन ने पारंपरिक आईटी सर्विसेज, महंगे सॉफ्टवेयर लाइसेंस और लंबी अवधि के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स को चुनौती दी है। अब कोडिंग, टेस्टिंग और सपोर्ट जैसे काम एआई टूल्स के जरिए तेजी से और कम लागत में किए जा रहे हैं। इससे आईटी कंपनियों के राजस्व पर दबाव पड़ रहा है। टेक जगत में इस बदलाव को सासपोकैलिप्स कहा जा रहा है, जो पारंपरिक सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस कंपनियों के लिए किसी प्रलय से कम नहीं है। इसकी दहशत में भारत समेत दुनियाभर के आईटी कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं। भारत में एक माह में आईटी इंडेक्स 14% से अधिक टूट चुका है, जो हालिया वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है। खास बात यह है कि इसकी अगुवाई भारतीय मूल के दिग्गज कर रहे हैं। जानते हैं ऐसे कुछ मार्केट लीडर्स के बारे में राहुल पाटील: 11 विभागों का काम एआई करेगा; आईटी के शेयर गिरे एन्थ्रोपिक में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर राहुल पाटील ने एआई मॉडल क्लाउड को चैटबॉट से आगे बढ़ाकर एक ऑटोनॉमस एआई वर्कफ्लो टूल क्लाउड कोवर्क में बदल दिया। इसमें 11 ऐसे प्लग-इन हैं जो अलग-अलग विभागों (लीगल, सेल्स, मार्केटिंग, डेटा आदि) के काम कर सकते हैं। इसकी लॉन्चिंग के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सॉफ्टवेयर और आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। राहुल ने कंप्यूटर साइंस में बीई बेंगलुरु से किया। अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में मास्टर किया। राहुल पाटील इससे पहले ओरेकल क्लाउड, अमेजन बेव सर्विसेज, स्ट्राइप और माइक्रोसॉफ्ट में अहम ओहदों पर रह चुके हैं। श्रीधर रामास्वामी: डेटा सॉल्यूशंस से सेल्सफोर्स, ओरेकल को कड़ी चुनौती स्नोफ्लेक सीईओ श्रीधर रामास्वामी के नेतृत्व में कंपनियों को अलग-अलग स्रोतों (एप्स, वेबसाइट) से डेटा जोड़ने, स्टोर करने और उसी डेटा पर एप्लिकेशन बनाने की सुविधा देता है। कंपनियां अब तैयार सॉफ्टवेयर (जैसे पारंपरिक सीआरएम) खरीदने के बजाय डेटा पर आधारित कस्टम सॉल्यूशंस बना रही हैं। स्नोफ्लेक का मॉडल एमेजन एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर व गूगल क्लाउड तीनों पर काम करता है। इससे सेल्सफोर्स, ओरेकल जैसे एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनियों को चुनौती मिली है। रामास्वामी आईआईटी मद्रास से बीटेक और अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं। गूगल में लंबे समय तक सीनियर वीपी रहे। 2024 में स्नोफ्लेक के सीईओ बनें। अरविंद कृष्णा: डेटा सुरक्षा के साथ कस्टम मॉडल बनाने की सुविधा दी आईबीएम सीईओ अरविंद कृष्णा कंपनी को पारंपरिक हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर दिग्गज से एआई और हाइब्रिड क्लाउड-फोकस्ड टेक कंपनी में बदल रहे हैं। वॉटसनएक्स प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज एआई टूल्स का व्यापक इकोसिस्टम है। ये कंपनियों को एआई मॉडल बनाने, ट्रेन करने और सुरक्षित तरीके से लागू करने की सुविधा देता है। क्या बदलाव आया? मैनुअल कोडिंग, लंबी डेवलपमेंट प्रक्रिया कम हो रही है। कंपनियां अपने डेटा पर कस्टम एआई मॉडल तैयार कर सकती हैं। बैंकिंग, हेल्थकेयर, सरकारी संस्थान सुरक्षित तरीके से एआई अपना सकते हैं। कृष्णा ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग व यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय से पीएचडी। 1990 में आईबीएम से जुड़े। 2020 में सीईओ बने। रेवती अद्वैती: इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस से सॉफ्टवेयर कंपनियों को कड़ी चुनौती फ्लेक्स की सीईओ रेवती अद्वैती मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से आगे बढ़ाकर इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन प्रोवाइडर में बदल रही हैं। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम, हेल्थकेयर उपकरण जैसे प्रोडक्ट में सॉफ्टवेयर और एआई क्षमताएं जोड़ी जा रही हैं, जिससे डिवाइस खुद डेटा प्रोसेस कर सके। निर्णय लेने में सक्षम हो। क्या बदलाव आया? स्टैंडअलोन सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती। ग्राहक अलग-अलग समाधान खरीदने के बजाय इंटीग्रेटेड एंड-टू-एंड सिस्टम को प्राथमिकता दे रहे हैं। रेवती ने बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग और अमेरिका के थंडरबर्ड स्कूल से एमबीए किया। हनीवेल में सीनियर नेतृत्व भूमिकाओं के बाद 2019 में फ्लेक्स की सीईओ बनीं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!