Anuj Tikku Father Mumbai Flat Murder Story; Vijay Palande
2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय
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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 3 में जानिए अरुण टिक्कू हत्याकांड की कहानी। अरुण टिक्कू जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू के पिता थे। हत्या का पहला शक अनुज पर ही था, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो आम सा लगने वाला ये केस एक बड़ी सीरियल किलिंग में तब्दील हुआ, जिसके तार गैंगस्टर, एक्ट्रेस और बड़ी साजिशों से जुड़े थे। फिर एक्ट्रेस के बैंक लॉकर में एक्टर अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट मिलने से पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। 7 अप्रैल 2012 की बात है …
मुंबई के लोखंडवाला में एक हाईराइज अपार्टमेंट है, जिसका नाम समर्थ आंगन है। कई मंजिलों वाली इस इमारत में हजारों लोग रहते हैं। उस रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हरंगद सिंह माइनी नाम के बिल्डिंग में रहने वाले शख्स अपने पिता के लिए दवाई लेने निकले थे। जैसे ही उन्होंने पार्किंग में खड़ी अपनी कार का दरवाजा खोला, तो उनकी नजर पहली मंजिल की खिड़की पर गई। एक हट्टा-कट्टा आदमी एक बुजुर्ग शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश में खिड़की से मदद मांग रहा था, तभी खिड़की के पर्दे की रॉड टूटकर गिरी।
लोखंडवाला में स्थित समर्थ आंगन अपार्टमेंट।
मंजर देखते ही वो शख्स भागते हुए गार्ड्स के पास पहुंचा और पूरी कहानी बताई। तीन गार्ड्स उस शख्स के साथ पहली मंजिल के फ्लैट में पहुंचे।
बेल बजाई तो एक आदमी बिना शर्ट के बाहर आया।
उससे पूछा गया- अंदर क्या हो रहा है?
उसने रूखी आवाज में कहा- झगड़ा हो गया था, लेकिन अब सब ठीक है।
हरंगद ने गौर किया कि उस आदमी की छाती और पेट में खून के निशान थे।
उन्होंने फिर पूछा- वो बुजुर्ग शख्स कहां है?
उसने जवाब दिया, वो दूसरे कमरे में सो रहे हैं।
गार्ड ने फिर पूछा, तुम कौन हो?
इस बार जवाब मिला- हम पेइंग गेस्ट हैं। ये फ्लैट अनुज टिक्कू (एक्टर) का है, हमने 30 हजार में किराए पर लिया है।
हरंगद को अजीब लगा तो वो दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए, तभी उन्हें एक और शख्स दिखा। उसके पैरों में काफी खून था और जमीन में भी खून के कई धब्बे थे। वो तफ्तीश करने के लिए जैसे ही बाथरूम की ओर बढ़े, दोनों शख्स ने उन्हें धक्के मारकर फ्लैट से बाहर कर दिया।
बाहर निकलते ही उन चारों ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और डायल 100 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। जब तक पुलिस पहुंची, सभी वहीं पहरेदारी करते रहे। पुलिस को आने में करीब आधे घंटे लगे। पुलिस दरवाजा खोलकर अंदर पहुंची, तो पूरा फ्लैट बेतरतीब था। खून के धब्बे हर तरफ थे। फ्रिज गिरा पड़ा था, सोफा उल्टा था, सामान बिखरा हुआ था।
वो दोनों शख्स भाग चुके थे। जैसे ही पुलिस बाथरूम पहुंची तो मंजर भयावह था। वहां उसी बुजुर्ग शख्स की खून से सनी लाश थी, जिसे राहगीर ने पार्किंग से देखा था। शरीर पर चाकू के कई वार थे और गले में कंप्यूटर वायर लिपटा हुआ था। बाथरूम की खिड़की टूटी हुई थी, जिससे साफ था कि दोनों उसी जगह से भाग निकले।
बिल्डिंग के लोगों से पूछताछ की गई, तो हर किसी ने यही कहा कि वो उस बुजुर्ग शख्स को नहीं जानते। पहले कभी उन्हें यहां नहीं देखा गया। और पूछताछ की गई तो सामने आया कि फ्लैट एक्टर अनुज टिक्कू का है।
अनुज टिक्कू बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर थे। वो शाहरुख खान की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी, रानी मुखर्जी की नो वन किल्ड जेसिका जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे। इसके अलावा वो करीब 70 एड फिल्म्स का हिस्सा रहे थे।
2011 की फिल्म नो वन किल्ड जेसिका में अनुज टिक्कू।
कमरे की छानबीन में बुजुर्ग शख्स का मोबाइल मिला। आखिरी कॉल उस नंबर से बेटे अनुज टिक्कू को ही किया गया था। पुलिस ने उस नंबर पर कई कॉल किए, लेकिन नंबर बंद था। कुछ और रिश्तेदारों को उन्हीं के नंबर से कॉल कर उनकी मौत की खबर दी गई।
दरअसल, उस रोज अरुण टिक्कू का उस फ्लैट में होना एक संयोग मात्र था। वो अचानक ही बेटे से मिलने आ गए थे। वो उस रोज बेटे से मिले भी, लेकिन फिर ये उनकी आखिरी मुलाकात साबित हुई। अरुण टिक्कू की हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन उनकी हत्या का इस तरह होना प्लान की गड़बड़ी थी। हत्यारों का प्लान कुछ और इससे कहीं ज्यादा बड़ा था।
एक्टर अनुज टिक्कू के पिता अरुण टिक्कू दिल्ली के बिजनेसमैन थे।
चिपलून से हुई अनुज टिक्कू की गिरफ्तारी… शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, कई घंटे बीत गए, लेकिन अनुज की अब भी कोई खबर नहीं थी। एक तरफ पिता की हत्या और दूसरी तरफ बेटे का अचानक गायब हो जाना, पुलिस के लिए बेहद अटपटा था। इस केस में पुलिस का पहला शक अनुज टिक्कू पर ही था।
अनुज टिक्कू की कहीं कोई खबर नहीं मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस ने CDR (कॉल डीटेल रिकॉर्ड) से उनकी लोकेशन का पता ढूंढ निकाला। अनुज टिक्कू की लोकेशन, हत्या वाले रोज पहले मुंबई और फिर गोवा के पास चिपलून में थी।
हत्या के 3 दिन बाद 10 अप्रैल को अनुज टिक्कू की चिपलून से गिरफ्तारी हुई।
गिरफ्तारी के बाद ली गई अनुज टिक्कू की तस्वीर।
उनके साथ मौजूद शख्स करण सूद को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों की फिंगरप्रिंट्स ली गईं। गिरफ्तारी के बाद अनुज को पुलिस द्वारा बताया गया कि उनके पिता की हत्या कर दी गई है।
उस दिन को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘मैं बेहोश हो गया। मेरा चेहरा एकदम सफेद हो चुका था। मेरे सामने अंधेरा छा गया था, जिसे मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक्सपीरियंस नहीं किया। मेरा शरीर एक तरफ से नंब हो गया था। इतना डर था, कंपकपी आ रही थी।’
हत्या के मामले में अनुज को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस ने पहला सवाल किया, जिस वक्त आपके पिता का खून हुआ, आप कहां थे?
अनुज ने जवाब दिया- ‘मैं गोवा में था। मेरा दोस्त करण सूद मुझे अपने साथ कसीनो दिखाने गोवा ले गया। हम चिपलून में रुके थे।’
जब पुलिस ने पूछा कि आखिर 7 अप्रैल की रोज क्या हुआ। जवाब मिला- ‘मेरे पिता 7 अप्रैल को ही मुंबई आए थे। हम अपना फ्लैट किराए पर दे रहे थे, वो बस रेंटल एग्रीमेंट देखने आए थे। अगली सुबह उन्हें फिर दिल्ली लौटना था।’
अनुज दैनिक भास्कर से बातचीत में 7 अप्रैल का वो डरावना दिन याद कर कहते हैं, ‘सुबह मेरी क्रिएटिव राइटिंग चलती थी। मेरी एक कंपनी थी, जिसमें हम टीवी शोज लिखते थे। तभी मेरे दोस्त तिवारी जी आए। हम लंच पर गए, डोसा खाया। करीब 7 बजे मेरे पास करण का कॉल आया। मैं उसे होटेलियर करण सूद के रूप में जानता था। उसने कहा गोवा चलते हैं, तुझे कसीनो दिखाऊंगा। वो मुझे मर्सिडीज में घुमाता था।’
‘उसी दिन मेरे पिता आए रेंटल एग्रीमेंट चेक करने। अगली सुबह उनकी वापसी थी। मैंने पिताजी के साथ खाना खाया और फिर मैं 8-9 बजे करण सूद के साथ गोवा निकल गया। मेरे निकलने से 5-10 मिनट पहले ही मनोज और धनंजय आए थे। मैंने पापा से कहा कि ये लोग पेंट-वेंट करना चाहते हैं। फिर मैं निकल गया।’
जिस रेंटल एग्रीमेंट का अनुज ने जिक्र किया, वो उनके और एक विदेशी महिला के बीच बना था। दरअसल, अनुज के समर्थ आंगन अपार्टमेंट में 3 फ्लैट थे। एक में वो खुद रहते थे और बाकी फ्लैट वो बॉलीवुड के स्ट्रगलिंग एक्टर्स को किराए पर देते थे। कुछ दिनों से दो फ्लैट खाली पड़े थे। ऐसे में उनके दोस्त करण सूद ने उन्हें एक विदेशी महिला से मिलवाया, जो वो फ्लैट किराए पर लेना चाहती थीं। करण ने खुद रेंटल एग्रीमेंट बनवाया था। इसके अलावा अपने दो नौकरों धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश को भेजकर फ्लैट का रेनोवेशन करवा रहा था।
अनुज का बयान सुनते ही, पुलिस को पहला शक उनके दोस्त करण सूद पर हुआ, जिसके दो नौकरों को आखिरी बार उस फ्लैट में अरुण टिक्कू के साथ देखा गया था।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशू रॉय इस केस की जांच कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने करण सूद से पूछताछ की वो दंग रह गए। दरअसल, जिस करण सूद को अनुज टिक्कू अपना करीबी दोस्त बता रहे थे, वो कोई रईस होटेलियर नहीं बल्कि मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विजय पलांडे था, जिसका नाम पहले भी कई हत्याओं में सामने आ चुका था। जिस समय विजय को कोर्ट में पेश किया गया, वो कस्टडी से भाग निकला। हालांकि कुछ देर बाद उसे चर्चगेट से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
विजय पलांडे को 1998 में डबल मर्डर केस में उम्रकैद हुई थी।
जब पुलिस ने अनुज से पूछा कि आखिर वो विजय पलांडे उर्फ करण सूद को कैसे जानते हैं, तो अनुज ने सिमरन सूद का नाम लिया। सिमरन सूद एक एक्ट्रेस थीं, कई फिल्मों में नजर आ चुकी थीं और मुंबई में मॉडलिंग करती थीं।
सिमरन सूद जानी-मानी मॉडल थीं, जो बॉलीवुड फिल्म अनोखा अनुभव में नजर आ चुकी थीं।
अनुज ने पुलिस को बताया कि करण सूद, एक्ट्रेस सिमरन सूद के भाई हैं, जिनके विदेश में कई होटल्स हैं। ये सब झूठ था। न ही सिमरन सूद का असली नाम सिमरन था, न ही करण सूद ने असल पहचान बताई थी। सिमरन का असली नाम था सीमा दुसांझ और करण सूद थे विजय पलांडे। दोनों भाई-बहन भी नहीं थे। 1997 में उनकी शादी हुई थी।
एक्ट्रेस सिमरन सूद की एंट्री से केस और उलझ गया। हालांकि अनुज के बयान से पुलिस समझ चुकी थी कि उनका इस हत्या से कोई-लेना देना नहीं है। पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी हिमांशू रॉय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुज टिक्कू को केस में क्लीनचिट दे दी और उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया।
सिमरन और करण (विजय पलांडे) अनुज टिक्कू के खास दोस्त थे। साल 2010 में ही अनुज की दोस्ती एक्ट्रेस सिमरन सूद से हुई और जल्द ही दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे।
अब सवाल ये था कि आखिर जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू की कुख्यात अपराधी से दोस्ती कैसे और क्यों हुई और इन सब में एक्ट्रेस सिमरन सूद का क्या लेना-देना था। वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने सोची समझी साजिश के तहत अनुज से नजदीकियां बढ़ाई थीं।
सिमरन से 2010 में हुई पहली मुलाकात को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘2010 में, मर्डर से तकरीबन दो साल पहले सिमरन से मेरी मुलाकात हुई थी। मैं एक स्टूडियो में डबिंग के लिए गया था। वहां म्यूजिक डायरेक्टर जान निसार मेरे दोस्त थे। वहां सिमरन भी एक एल्बम कट करवाने आई थीं। मेरे डायरेक्टर दोस्त ने ही मेरा परिचय सिमरन से करवाया। हमारी दोस्ती हुई। बॉलीवुड में आप बहुत लोगों से मिलते हैं। हर रोज चार-पांच लोगों से मिलते हैं डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स। वो एक दिन घर आईं तो वहां मेरी फ्रेंडली मुलाकात हुई। हम दोनों ने आपस में बुक्स एक्सचेंज कीं। वो मेरी बुक्स ले जाती थी, मेरी सीडी, वीडियोज ले जाती थी। एक-दो बार ऐसे ही उसका घर आना-जाना हआ। मैं भी उसके घर जाता था।’
अनुज आगे बताते हैं, ‘सिमरन ने कहा था कि वो एक मॉडल हैं और दो-तीन फिल्में कर चुकी हैं और यहीं लोखंडवाला में पास में रहती हैं और ज्यादा कुछ नहीं। मुझे याद है कि मेरे पिताजी के मर्डर के दो महीने पहले से वो मुझसे ज्यादा मिलने लगी थी क्योंकि मुझे लगता है कि मैं उसका एक टारगेट था।’ वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने अनुज की करण सूद (विजय पलांडे) से पहली मुलाकात करवाई थी। सिमरन मुंबई में ओबेरॉय स्प्रिंग में रहती थीं। एक रोज वहीं अनुज की विजय पलांडे से पहली मुलाकात हुई।
इस पर अनुज कहते हैं, ‘एक बार मैं सिमरन के घर गया था। वहां सिमरन ने मुझे विजय पलांडे को करण सूद के नाम से इंट्रोड्यूस कराया। ये कहकर कि ये मेरा भाई है, ये होटल बिजनेस में है, इसके स्पेन में होटल्स वगैरह हैं, अब्रॉड आते-जाते रहता है, ट्रैवल करता है। मुझे बाद में पता लगा कि वो विजय पलांडे था जबकि मेरे बाप का मर्डर हो चुका था। पुलिस ने बताया कि ये विजय पलांडे है और एक कन्विक्टेड मर्डरर है।’
अनुज कहते हैं, ‘अगर मैं आपको करण सूद से मिलाऊं तो आप कहेंगे ये तो बड़ा ही अच्छा और नेक इंसान है। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि शक करूं। जैसे ही मैं उससे मिला, मैंने हैंडशेक किया। वो उस समय लंदन जा रहा था। उसने कहा- बाद में मिलेंगे। उसने चार बोतल व्हिस्की मेरे हाथ में थमा दी। “चलो, एंजॉय योरसेल्फ, जब आऊंगा तब मिलेंगे।” बड़े फ्रेंडली तरीके से उसने अपने आप को प्रेजेंट किया जिसकी वजह से मुझे उस पर बिल्कुल भी शक नहीं हुआ।’
अनुज के पिता अरुण टिक्कू की भी हुई थी विजय से मुलाकात
अरुण टिक्कू के मर्डर से ठीक दो महीने पहले ही अनुज ने उनकी मुलाकात विजय और सिमरन से करवाई थी। अरुण, दिल्ली आए हुए थे, तब अनुज उन्हें सिमरन के घर ले गए। वहां सभी ने चाइनीज ऑर्डर किया, साथ में डिनर किया। सबने काफी देर तक बात की। तब करण सूद उर्फ विजय ने अरुण टिक्कू से कहा था कि वो जल्द ही अनुज को भी अपने साथ होटल बिजनेस में जोड़ लेगा।
अरुण टिक्कू हत्याकांड की जांच चल ही रही थी कि पुलिस को विजय पलांडे के बैंक लॉकर से एक सुसाइड नोट मिला। ये नोट अनुज टिक्कू की राइटिंग में था और इस पर उनका साइन भी था। अनुज फिर शक के घेरे में आ गए, जिसके बाद कई बड़े सवाल खड़े हुए।
पहला सवाल- क्या अनुज ने पिता की हत्या करवाई और फिर आत्महत्या की कोशिश की?
दूसरा सवाल- अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट कुख्यात अपराधी विजय पलांडे के लॉकर में क्यों था?
तीसरा सवाल- क्या विजय पलांडे और सिमरन ने अरुण टिक्कू की हत्या करवाई या नौकर इसके जिम्मेदार थे?
चौथा सवाल- विजय पलांडे और सिमरन ने अचानक अनुज से दोस्ती क्यों बढ़ाई?
पांचवां सवाल- क्या अनुज टिक्कू हत्याकांड से पहले भी विजय पलांडे ने वाकई कई हत्याएं कीं?
इन सभी सवालों के जवाब कल 11 फरवरी को, अरुण टिक्कू मर्डर केस के पार्ट-2 में, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर।
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पार्ट-1, एक्टर अनुज के विदेश में टुकड़े करने की थी साजिश: नशे में लिखवाया फर्जी सुसाइड नोट, पिता की हत्या से बिगड़ा एक्ट्रेस-गैंगस्टर का प्लान
करण सूद (विजय पलांडे) और सिमरन सूद ने पुलिस बयान में अनुज टिक्कू को पिता की हत्या का मास्टरमाइंड कहा। उन्होंने कहा कि अनुज के पिता से रिश्ते ठीक नहीं थे। वो ड्रग एडिक्ट थे और समर्थ आंगन सोसाइटी के कई लोग उनके खिलाफ शिकायत कर चुके थे। ऐसे में बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अरुण टिक्कू, उन्हें दिल्ली वापस ले जाने के लिए मुंबई आए थे, लेकिन मुंबई में रहने और पिता से फ्लैट हथियाने के लिए अनुज ने पिता की हत्या करवा दी।
पूरी कहानी पढ़िए कल, अरुण टिक्कू हत्याकांड के पार्ट- 2 में।
(नोटः ये खबर एक्टर अनुज टिक्कू और मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।)
लेखक- ईफत कुरैशी
रिपोर्टर- वर्षा राय ……………………………………………………………………..
भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए-
पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं
1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे…
प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं।
दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं।
थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा।
राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो।
प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए…
पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब
प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए
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पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध
मई 2008 की बात है
उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’
जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए…
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पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा
मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे।
नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए…
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पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा
छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए…
पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा
लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था।
10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

