Bangladesh Interim Govt Seeks Extradition of Sheikh Hasina; Letter Sent to India | ICT-BD Death Sentence | बांग्लादेश ने फिर शेख हसीना को भेजने की मांग की: एक साल में तीसरी बार चिट्ठी लिखी, अब तक भारत ने कोई जवाब नहीं दिया

Bangladesh Interim Govt Seeks Extradition of Sheikh Hasina; Letter Sent to India | ICT-BD Death Sentence | बांग्लादेश ने फिर शेख हसीना को भेजने की मांग की: एक साल में तीसरी बार चिट्ठी लिखी, अब तक भारत ने कोई जवाब नहीं दिया


  • Hindi News
  • International
  • Bangladesh Interim Govt Seeks Extradition Of Sheikh Hasina; Letter Sent To India | ICT BD Death Sentence

ढाका/नई दिल्ली5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजने के लिए भारत को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इसमें हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की गई है। अंतरिम सरकार में विदेश मामलों के सलाहकार एमडी तौहीद हुसैन ने इसकी जानकारी दी है।

बांग्लादेश की सरकारी न्यूज एजेंसी BSS के मुताबिक यह पत्र शुक्रवार 21 नवंबर को भारत भेजा गया। इसे नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के जरिए भेजा गया।

बांग्ला अखबार प्रथोम अलो के मुताबिक बांग्लादेश अब तक 3 बार भारत को शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है। इससे पहले पिछले साल 20 और 27 दिसंबर को चिट्ठी लिखकर शेख हसीना को सौंपने की अपील की जा चुकी है। भारत ने अब तक इसका कोई जवाब नहीं दिया है।

हसीना फिलहाल भारत में रह रही है, जबकि कमाल के भी भारत में होने की आशंका है। (फाइल फोटो)

शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई

17 नवंबर को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने हसीना और उनकी सरकार में गृहमंत्री रहे असदुज्जमान खान कमाल को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई। दोनों की यह सुनवाई गैरहाजिरी में हुई थी।

उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। ICT ने उन्हें 5 मामलों में आरोपी बनाया था।

ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया। तीसरे आरोपी पूर्व IGP अब्दुल्ला अल-ममून को 5 साल जेल की सजा सुनाई गई। ममून हिरासत में हैं और सरकारी गवाह बन चुके हैं।

हसीना ने जिस कोर्ट की स्थापना की, उसी ने सजा सुनाई

हसीना को मौत की सजा सुनाने वाले इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल की स्थापना उन्होंने ही की थी। इसे 2010 में बनाया गया था। इस कोर्ट को 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान हुए वॉर क्राइम्स और नरसंहार जैसे मामलों की जांच और सजा के लिए बनाया गया था।

हालांकि इस ट्रिब्यूनल को बनाने के लिए 1973 में ही कानून बना दिया गया था, लेकिन दशकों तक प्रक्रिया रुकी रही। इसके बाद 2010 में हसीना ने इसकी स्थापना की ताकि अपराधियों पर मुकदमा चल सके।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!