Crowds of devotees gathered before installation of huge Shivalinga in Motihari | विराट शिवलिंग की स्थापना से पहले भक्तों की उमड़ी भीड़: मोतिहारी में बेरोजगारों को मिला रोजगार, दूसरे प्रदेश से ज्यादा कमा रहे दुकानदार – Motihari (East Champaran) News
पूर्वी चंपारण के कैथवाकी में विराट रामायण मंदिर बन रहा है। इस मंदिर परिसर में विश्व का सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को होने वाला है।
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इस शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में लाया गया है, जो 33 फुट ऊंचा और 33 फुट लंबा है। शिवलिंग की स्थापना से पहले श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है।
जब से शिवलिंग मंदिर परिसर में पहुंचा है, तब से रोजाना 8 से 10 श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। ये श्रद्धालु 60 से 70 किलोमीटर दूर-दराज के इलाकों से पहुंच रहे हैं। इससे मंदिर परिसर के आसपास फूल, बेलपत्र, प्रसाद बेचने वालों की आमदनी बढ़ गई है।
शिवलिंग पहुंचने के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया पहुंची। मंदिर पहुंचने से पहले सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी थी। लोग अपने कपाल पर बड़े-बड़े चंदन लगाए थे और हर हर महादेव के नारे लगा रहे थे। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु और दुकानदारों के चेहरे पर उत्साह दिख रहा था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सबसे पहले मंदिर परिसर में शिवलिंग और श्रद्धालुओं की तस्वीरें…
मंदिर परिसर के पास फूल-बेलपत्र, प्रसाद बेचकर घर चला रहे दुकानदार।
शिवलिंग के पास सेल्फी लेने वाले श्रद्धालुओं की भीड़।
इलाके में हर हर महदेव और बोल बम के लग रहे नारे
मंदिर पहुंचने के रास्ते में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। लोग हर हर महादेव, बोल बम, जय श्री राम के नारे लगा रहे हैं। इन नारों से पूरा इलाका गुंज रहा है। इस दौरान दर्जनों की संख्या में लोग दिखे, जिन्होंने रोजगार की तलाश शुरू कर दी हैं। इनमें से कई लोग अब तक दूसरे प्रदेशों में जाकर रोजी-रोटी की तलाश कर थे, अब वे मंदिर में पास फूल-बेलपत्र बेचकर अच्छा पैसे कमा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ा रही हैं। वहीं युवा दर्शन के साथ-साथ सेल्फी ले रहे हैं।
रोजगार का सहारा बना विराट शिवलिंग
मंदिर के पास पिपरा थाना क्षेत्र के रहने वाले उमाशंकर मिले। उन्होंने कहा कि फूल-बेलपत्र बेचकर हर दिन 15 सौ से 2 हजार रुपए कमा रहे हैं। मैं 5 महीने पहले यहीं मजदूरी करता था। बाद में काम खत्म हो गया तो दूसरे प्रदेश कमाने चले गए। वहां भी ठीक से कमाई नहीं हो पा रही थी। हाल में पता चला कि कैथवलिया में विराट शिवलिंग पहुंच गया है और श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। तब वहां से घर लौटा और यहां दुकान शुरू कर दिया।
मैं दो दिनों से दुकान लगाकर अपनी पत्नी के साथ बैठता हूं। शिवलिंग के आने से हम गरीब लोगों के लिए रोजगार का अवसर मिला है। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ रही है, वैसे-वैसे कमाई भी बढ़ रही है।
केसरिया मंदिर में हो रही कम भीड़
हम मंदिर परिसर के पास उमाशंकर से बात कर आगे बढ़े तो हमारी मुलाकात प्रसाद बेचने वाली आरती देवी से हुई। आरती ने बताया कि, केसरिया मंदिर के पास मैं दुकान चलाती हूं, लेकिन इन दिनों वहां श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं है। अभी लोग विराट शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इस भीड़ को देखकर मैं यहां दुकान लगाने लगी। श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से मेरी आमदनी अच्छी हो रही है। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रसाद और पूजा सामग्री की बिक्री भी बढ़ रही है। इस मंदिर की वजह से हम जैसे महिलाओं को रोजगार का अवसर मिल गया है।
एक डलिया में मौजूद सामान, जो भगवान शिव को चढ़ाया जाएगा।
60 रुपए में बिक रहा डलिया
विराट मंदिर के आसपास के दुकानों में 60 रुपए में डलिया बिक रहा है। इस डलिया में 10 रुपए का गंगाजल, 20 रुपए की माला, 10 रुपए के फूल, 5 रुपए का प्रसाद और 15 रुपए की अगरबत्ती, माचिस, सिंदूर और तुलसी है। इसके अलावा शिवलिंग के पास दान पेटी भी रखी गई है, जिसमें श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार राशि डाल रहे हैं।
हम दुकानदारों से बात करने के बाद आगे बढ़े। थोड़ी दूर आगे बढ़ने पर शिवलिंग दिखा। अब भी शिवलिंग ट्रक भी रखा था। लेकिन श्रद्धालु ट्रक पर चढ़कर पूजा-अर्चना कर रहे थे। ट्रक के पास भक्तों की कतार लगी हुई थी। कोई हाथ जोड़कर आंखें बंद किए खड़ा था तो कोई शिवलिंग को स्पर्श कर माथा टेक रहा था।
शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाती सुहागिन महिलाएं।
शिवलिंग दर्शन के लिए 60KM दूर से आ रहे लोग
शिवलिंग के पास हमारी मुलाकात पूजा पटेल से हुई, जो अपने पति के साथ आई थी। उन्होंने कहा कि 65 किलोमीटर दूर केसरिया से सिर्फ शिवलिंग के दर्शन के लिए आई हूं। मुझे भगवान पर पूरा विश्वास है। शिवलिंग स्थापित हुआ या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता। भगवान की पूजा तो कहीं भी और किसी भी स्थिति में की जा सकती है।
आस्था मन में होनी चाहिए। शिवलिंग की स्थापना कभी न कभी तो होगी।
‘सनातनी समाज की आस्था भगवान शिव पर है’
मोतिहारी से अपने बेटों के साथ पहुंचे अवध पटले ने कहा, भारत में सनातनी लगभग 85% है। सनातनी समाज की आस्था भगवान शिव में है। इसलिए मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिख रही है।
तमिलनाडु में तैयार हुआ है शिवलिंग
बता दें कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फुट ऊंचा और 33 फुट लंबा शिवलिंग तैयार किया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग 2178 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी कर गोपालगंज के रास्ते पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर पहुंच गया है।
17 जनवरी को पूरे विधि-विधान से शिवलिंग स्थापित किया जाएगा इस दौरान 5 नदियों के जल से अभिषेक किया जाएगा। इसमें हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर आदि के जल से शिवलिंग का अभिषेक होगा। इसके साथ ही हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे।
पट्टीकाडु गांव में निर्माण के दौरान शिवलिंग की फाइल फोटो।
एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बना शिवलिंग
शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है।
तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था। शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है।
सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था। शिवलिंग को रवाना करने के पहले पूजा-पाठ की गई थी, जिसमें स्थानीय गांव के लोग भी शामिल हुए थे।
शिवलिंग को यहां पर रखा जाएगा।
अंतिम चरण में मंदिर का निर्माण कार्य
रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है। विराट रामायण मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग, गर्भ गृह का पाइलिंग, आदि का काम पूरा हो गया है।
आकार में यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी।
इसी जगह पर शिवलिंग को स्थापित किया जाएगा।
निर्धारित समय में निर्माण पूरा करने की तैयारी
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद और महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल के मुताबिक, मंदिर निर्माण काम को समय पर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, ताकि बिहार में विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर स्थापित हो सके।
साल 2023 के 20 जून को शिलान्यास के बाद विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। पटना से इस मंदिर की दूरी लगभग में 120 किलोमीटर है।
विराट रामायण मंदिर में चार आश्रम होंगे। चकिया का विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो जाने पर यह विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर होगा।

