Demonstration of Exploitation Liberation Forum in Shimla | शिमला में शोषण मुक्ति मंच का प्रदर्शन: दलित उत्पीड़न के खिलाफ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग – Rampur (Shimla) News
ज्ञापन सौंपते शोषण मुक्ति मंच के सदस्य
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में आज शोषण मुक्ति मंच ने दलित समुदाय पर बढ़ते अत्याचारों, भेदभाव और हिंसा के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। मंच के प्रतिनिधियों ने एसडीएम रामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई
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मंच के संयोजक देवकी नंद, कुलदीप, दिनेश मेहता और मिलाप नेगी ने बताया कि हाल के समय में हिमाचल प्रदेश में दलित उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की संदिग्ध मृत्यु और कुल्लू के सैंज में दलित महिला पर हमले तथा उसकी मौत जैसी घटनाओं का उल्लेख किया, जो समाज की संवेदनशीलता और राज्य की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं।
दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया कि संविधान में प्रदत्त समानता, न्याय और सम्मान का अधिकार हर नागरिक का मूल अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दलित समाज की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करे। मंच ने अपनी 12 प्रमुख मांगें रखीं।
इनमें एससी/एसटी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी, अनुसूचित जाति–जनजाति विकास निधि कानून, 85वें संविधान संशोधन का पूर्ण लागू होना, छात्रवृत्ति योजनाओं का समयबद्ध संचालन, आरक्षण रोस्टर का पालन, निगरानी समिति का गठन, सफाई कर्मियों का नियमितीकरण, सफाई आयोग का गठन और अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव की रोकथाम शामिल हैं।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रेम चौहान, राहुल, रणजीत, पूर्ण भोगा राम, दुर्गा नंद, दिव्या, आशा, राज पाल, शीलू, नीमू, प्रदीप, बिनु, कैलाश, देवेंद्र और पेग राम सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

