ED SIT Anil Ambani Group Fraud Case
नई दिल्ली10 घंटे पहले
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एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ 40,000 करोड़ रुपए के बैंकिंग और कॉर्पोरेट फ्रॉड की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। सोमवार को आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि यह टीम सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद बनाई गई है। कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष और जल्द से जल्द जांच करने को कहा था।
ED के एडिशनल डायरेक्टर SIT को लीड करेंगे
सूत्रों के अनुसार, इस SIT का नेतृत्व जांच एजेंसी की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन टीम (HIU) के एक एडिशनल डायरेक्टर रैंक के अधिकारी करेंगे। इस टीम में करीब आधा दर्जन अन्य अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम विशेष रूप से ADAG ग्रुप की कंपनियों में हुए फंड के हेरफेर और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।
SC ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का आदेश दिया था
पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने ADAG के खिलाफ चल रहे मामलों की समीक्षा करते हुए ED को SIT गठित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र, जल्द और भेदभाव रहित होनी चाहिए।
साथ ही कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को भी इस मामले में किसी भी तरह की मिलीभगत, साजिश और साठगांठ की जांच करने और इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए कहा है।
₹12,000 करोड़ की संपत्ति पहले ही हो चुकी है अटैच
ED पिछले साल से अनिल अंबानी और उनके ADAG ग्रुप की कंपनियों की जांच कर रही है। अब तक प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तीन एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की जा चुकी हैं।
एजेंसी अब तक ग्रुप की लगभग 12,000 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क यानी अटैच कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि SIT आने वाले दिनों में कुछ और नई ECIR दर्ज कर सकती है।
पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी और अनिल अंबानी से पूछताछ
66 साल अनिल अंबानी से पिछले साल उनकी कंपनियों में बैंक लोन से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर लंबी पूछताछ की जा चुकी है। हाल ही में एजेंसी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को भी गिरफ्तार किया है।
हालांकि, अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
ग्रुप की कंपनियों पर पब्लिक फंड के डायवर्जन का आरोप
जांच एजेंसी ने पहले एक बयान में कहा था कि उसने ADAG की कई कंपनियों में पब्लिक फंड के डायवर्जन का पता लगाया है। मुख्य रूप से इन कंपनियों पर नजर है…
- रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM)
- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL)
- रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL)
- रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (RIL)
- रिलायंस पावर लिमिटेड
क्या होती है SIT और कैसे काम करती है?
- SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम): यह एक स्पेशल टीम होती है, जिसे किसी हाई-प्रोफाइल या कठिन मामले की जांच के लिए बनाया जाता है। इसमें संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
- ECIR: जैसे पुलिस किसी मामले में FIR दर्ज करती है, वैसे ही ED मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ECIR (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज करती है।
- PMLA: यह कानून (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अवैध तरीके से कमाए गए पैसे को वैध बनाने से रोकने और ऐसी संपत्ति को जब्त करने के लिए बनाया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट बोला- अनिल अंबानी देश नहीं छोड़ेंगे: बैंक फ्रॉड केस में ED-CBI को फटकार; कहा- जांच में देरी की, अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) जुड़े ₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में जांच एजेंसियों पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- CBI और ED जांच में देरी का कारण नहीं बता सकीं। दोनों एजेंसियां पहले ही काफी समय ले चुकी हैं। आगे ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने CBI और ED से चार हफ्ते में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह रिकॉर्ड किया कि अनिल अंबानी उसकी पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

