Faridabad Medical Store Owner Jailed, Fined ₹1.20 Lakh | Haryana News | फरीदाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक को 3.6 वर्ष की जेल: कोर्ट ने लगाया 1.20 लाख का जुर्माना, बिना लाइसेंस कर रहा था कारोबार – Ballabgarh News
फरीदाबाद में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चलाने पर कोर्ट ने मालिक को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है।
फरीदाबाद में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चलाने और एलोपैथिक दवाइयों की बिक्री करने के मामले में मैसर्स रियाज मेडिकोज के संचालक मौसिम को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940
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यह मामला 16 सितंबर 2019 का है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) फरीदाबाद जोन की टीम ने सूचना के आधार पर मेन सोहना रोड, गांव सिरोही, जिला फरीदाबाद स्थित रियाज मेडिकोज पर छापेमारी की थी। निरीक्षण टीम में उस समय के एसडीसीओ करण गोदारा, डीसीओ संदीप गहलैन (फरीदाबाद-प्रथम) और डीसीओ पूजा (फरीदाबाद-द्वितीय) शामिल थीं।
जांच के दौरान नहीं मिला लाइसेंस
जांच के दौरान टीम को मेडिकल स्टोर में बिना किसी वैध ड्रग लाइसेंस या पंजीकरण के बिक्री के लिए रखी गई 81 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां मिलीं। सभी दवाइयों को नियमानुसार मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि मेडिकल स्टोर संचालक मौसिम उस समय दुकान पर मौजूद नहीं था और उसकी अनुपस्थिति में उसका सहयोगी नसीम मेडिकल स्टोर चला रहा था। पूछताछ में नसीम ने स्वीकार किया कि दुकान बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। वहीं, दुकान के मकान मालिक ने भी अपने बयान में पुष्टि की कि उक्त दुकान आरोपी मौसिम को किराए पर दी गई थी।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत हुई सजा
पूरी जांच के बाद राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायालय में हुई, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से परे सिद्ध माना।
कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के अनुसार, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 27(b)(ii) के तहत आरोपी को 3 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा धारा 28 के अंतर्गत 6 माह का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना भी सुनाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है।

