Haryana DHBVN fix responsibility of SDO for removing poles in the middle of roads | Fatehabad News | सड़कों के बीच लगे खंभे हटवाने के जिम्मेदार होंगे एसडीओ: निरीक्षण कर बनाएंगे रिपोर्ट; 5 लाख तक खर्च की बिल से होगी वसूली – Fatehabad (Haryana) News
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मुख्यालय।
अब सड़कों के बीचोंबीच खड़े बिजली के खंभों को हटवाने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रबंधन ने एसडीओ की जिम्मेदारी तय कर दी है। ऐसे मामलों में अब एसडीओ एस्टीमेट बनवाने से लेकर उन खंभों को हटवाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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दरअसल, कुछ स्थानों पर मुख्य सड़कों या एप्रोच सड़कों के बीचों-बीच बिजली के खंभे लगे हुए हैं। ऐसा सड़कों को चाैड़ा करने या नई सड़कें बनाए जाने के कारण होता है। ऐसे असुरक्षित खंभों को हटाने का कार्य आमतौर पर संबंधित एजेंसी द्वारा बिजली निगम में डिपॉजिट कॉस्ट जमा के आधार पर करवाया जाता है।
लंबे समय तक पोल नहीं हटवाती एजेंसियां
बिजली निगम के अनुसार, अक्सर देखने में आता है कि इन असुरक्षित खंभों को लंबे समय तक संबंधित एजेंसियों द्वारा नहीं हटवाया गया है, जिससे आम जनता और वाहनों की आवाजाही में बाधा होती है। विशेषकर रात के समय या कोहरे वाले मौसम में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
इसी प्रकार सड़कों की बार-बार मरम्मत/निर्माण के कारण बिजली लाइनों की ऊंचाई (वर्टिकल क्लीयरेंस) भी कम हो गई है, जिससे भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए निगम प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि एसडीओ समय-समय पर ऐसे सभी स्थानों की पहचान करने, असुरक्षित खंभों को हटाने, लाइनों की उचित ऊंचाई बनाए रखने के मुख्य रूप से
जिम्मेदार अधिकारी होंगे।
जानिए… एसडीओ को क्या करना होगा
- डिपॉजिट एस्टीमेट तैयार करेंगे जिन स्थानों पर सड़क के बीच से खंभे हटाने हैं या बिजली लाइन की ऊंचाई सही करनी है, वहां संबंधित एसडीओ डिपॉजिट एस्टिमेट तैयार करेगा और उसे सक्षम अधिकारी से स्वीकृत करवाएगा।
- 15 दिनों में भेजना होगा नोटिस इसके बाद एनएचआई/पीडब्ल्यूडी बीएंडआर/नगर निकाय/मार्केटिंग बोर्ड/पंचायत आदि संबंधित विभाग या कार्यालय को 15 दिनों के भीतर अनुमानित लागत जमा करने के लिए नोटिस भेजेगा।
- 5 लाख रुपए तक के खर्च की बिजली बिल के माध्यम से होगी वसूली यदि निर्धारित समय सीमा में संबंधित विभाग द्वारा राशि जमा नहीं करवाई जाती, तो एसडीओ खंभा शिफ्ट करने या लाइन की ऊंचाई ठीक करने का कार्य करवाएगा। इस कार्य की वास्तविक लागत संबंधित विभाग के बिजली बिल के माध्यम से वसूल की जाएगी।
- 5 लाख से ज्यादा खर्च पर एक्सईएन नोडल अधिकारी जिन मामलों में लागत 5 लाख रुपए से अधिक होगी। उन मामलों में निगम की ओर से संबंधित एक्सईएन नोडल अधिकारी होंगे, जो संबंधित सरकारी/नगरीय एजेंसियों से बैठक और रिमाइंडर नोटिस भेजकर आवश्यक लागत जमा करवाने का प्रयास करेंगे। ऐसे मामलों में कार्य तभी किया जाएगा, जब संबंधित विभाग लागत जमा कर देगा।
वीडियोग्राफी भी करवानी होगी
प्रबंधन के निर्णय के अनुसार, इस तरह के कार्य करवाने से पहले और बाद में फोटो और वीडियो जियो-कोऑर्डिनेट के साथ सब डिवीजन कार्यालय द्वारा सुरक्षित रखे जाएंगे। एसडीओ यह भी सुनिश्चित करेगा कि उपरोक्त बिजली ढांचे का जीआईएस मैपिंग अपडेट किया जाए।

