He fled from army training and started smuggling. | आर्मी की ट्रेनिंग छोड़कर भागा, चोर बन गया: जिस हाईवे से गुजरते चोरी करते जाते, ड्रग्स एडिक्ट बने; पंजाब से पूरी गैंग अरेस्ट – Guna News
जहां पैसे खत्म, वहीं चोरी…ड्रग्स की लत में डूबे बदमाशों ने चोरी को अपनी जरूरत बना लिया था। गुना की द्वारकाधीश कॉलोनी में सूने घर में हुई चोरी का कैंट थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है, जबकि ए
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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना जसवीर उर्फ जस्सी पहले फौज में भर्ती हुआ था। उसके माता पिता भी फौज में थे। मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान वह भाग गया। इसके बाद नशे की लत ने उसे अपराधी बना दिया। जेल में बंद रहने के दौरान उसकी दोस्ती बिहार के शातिर चोरों से हुई और यहीं से गिरोह खड़ा हो गया।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि जैसे ही पैसे खत्म होते, चारों एक कार से नेशनल हाईवे पर निकल पड़ते। रास्ते में ऐसे मकान या दुकान तलाशते, जो कई दिनों से सूने हों। रेकी के बाद ताले तोड़कर नकदी, सोना-चांदी और कीमती सामान समेटकर फरार हो जाते थे।
चोरी के बाद बदमाश सीधे मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच इलाके पहुंचते। यहां चोरी के माल बेच देते थे। इसके बाद डोडा चूरा खरीदकर उसे पंजाब ले जाते, जहां उसे बेचकर ड्रग्स के लिए पैसा जुटाते थे। पैसा खत्म होते ही यह फिर से चोरी की तैयारी शुरू कर देते थे।
अलग-अलग प्रदेशों में चोरी करने वाले आरोपी गुना में चोरी करते सीसीटीवी में कैद हो गए थे।
पहले पूरा मामला जानिए…4 राज्यों में तलाशे आरोपी
कैंट थाना क्षेत्र की द्वारकाधीश टाउनशिप में हुई चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। कॉलोनी निवासी जुगल किशोर ठाकुर ने 2 दिसंबर को कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ निजी काम से सागर गए हुए थे। घर कई दिनों से बंद था, इसी दौरान 2 दिसंबर की दोपहर अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाया और मुख्य दरवाजे के ताले तोड़कर घर में घुस गए।
चोरों ने अलमारी और अन्य सामान खंगालते हुए करीब 50 हजार रुपए नकद, दो मंगलसूत्र, लक्ष्मी-कुबेर जी की चांदी की मूर्ति, सोने की दो छोटी चेन, चार सोने की अंगूठियां और गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 20 हजार रुपए चुरा लिए। जब जुगल किशोर ठाकुर घर लौटे, तो ताले टूटे और सामान बिखरा मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP प्रियंका मिश्रा के निर्देशन में कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कॉल डिटेल और तकनीकी इनपुट जुटाए, साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान जसवीर सिंह जाट निवासी लुधियाना (पंजाब), राजेश शाह, वीरेन्द्र पासवान और राजू जाट निवासी छपरा (बिहार) के रूप में की। पहचान होते ही पुलिस की टीमें पंजाब, हरियाणा और बिहार रवाना की गईं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
लगभग समन्वित कार्रवाई के बाद पुलिस ने जसवीर उर्फ जस्सी (57) निवासी लुधियाना, राजेश शाह (54) निवासी छपरा और राजू जाट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार की है। वहीं, गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अब पढ़िए..फौजी बनने निकला चोर बन गया
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार जसवीर उर्फ जस्सी के माता-पिता दोनों फौज में थे। बचपन से ही जस्सी का सपना भी सेना में भर्ती होने का था। वह फौज में गया और ट्रेनिंग भी शुरू हुई, लेकिन महज छह महीने बाद ही वह ट्रेनिंग सेंटर से भाग आया। इसके बाद वह लुधियाना लौट आया, जहां धीरे-धीरे ड्रग्स की लत का शिकार हो गया।
ड्रग्स की लत के साथ जस्सी मादक पदार्थों की तस्करी में भी शामिल हो गया। इस कारण वर्ष 2014 में उसे पंजाब की अंबाला जेल भेजा गया। जेल में उसकी मुलाकात बिहार के शातिर चोर राजेश शाह और राजू जाट से हुई, जो चोरी के मामलों में बंद थे। जेल के भीतर ही तीनों की नजदीकियां बढ़ीं और दोस्ती गहरी हो गई।
जेल से बाहर आने के बाद जस्सी ने भी इन दोनों के साथ मिलकर चोरी के गिरोह में कदम रख दिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर अलग-अलग राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया, जो आखिरकार गुना की चोरी के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
गुना में चोरी के दौरान लॉकर तक तोड़ दिए थे।
पैसे खत्म होते ही निकल पड़ते थे चोरी पर
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि जसवीर उर्फ जस्सी के संपर्क में आने के बाद राजेश शाह और राजू जाट भी पंजाब शिफ्ट हो गए थे। वहां रहते हुए तीनों को चिट्टे समेत अन्य ड्रग्स की लत लग गई। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए जैसे ही इनके पास पैसे खत्म होते, ये चोरी की योजना बना लेते थे।
चारों बदमाश एक कार से नेशनल हाईवे पर निकलते और रास्ते में ऐसे घर या दुकान तलाशते, जो लंबे समय से सूने नजर आते। मौके की रेकी करने के बाद ताले तोड़कर नकदी, जेवर और कीमती सामान पर हाथ साफ कर लेते थे। वारदात के बाद तुरंत इलाका छोड़ देते थे, ताकि शक न हो।
चोरी करने के बाद बदमाश सीधे मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच इलाके पहुंचते थे। इन क्षेत्रों में अफीम की खेती और डोडा चूरा की तस्करी होने के कारण यहां से नशे का सामान आसानी से मिल जाता था। आरोपी यहां से डोडा चूरा खरीदते और फिर उसे पंजाब ले जाकर बेच देते थे। वहीं चोरी में मिले नकदी और जेवर बेचकर वे अपने लिए ड्रग्स खरीदते थे। इसके बाद जैसे ही पैसा खत्म होता, बदमाश फिर एक नई चोरी की तैयारी में जुट जाते थे।
चोरी के तीन आरोपियों को गुना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अभी भी फरार है।
पंजाब से MP का सफर…शिवपुरी में चाय पी, गुना में कर ली चोरी
1 दिसंबर को चारों बदमाश कार क्रमांक PB 13 BJ 5253 से लुधियाना से मध्यप्रदेश के मंदसौर जाने के लिए रवाना हुए थे। 2 दिसंबर की सुबह करीब 10:30 बजे उनकी गाड़ी नेशनल हाईवे-46 (ग्वालियर–देवास रोड) पर शिवपुरी जिले के कोलारस टोल नाके से गुजरी। यहां से वे गुना बायपास पहुंचे और दो खंभा नाके के पास एक ढाबे पर चाय पीने रुके। चाय पीते समय ही उन्होंने किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना ली।
इसके बाद सभी बदमाश कार वहीं खड़ी कर पैदल ही गुना बायपास से लगी द्वारकाधीश कॉलोनी में पहुंचे। कॉलोनी में घूमते हुए उन्हें जुगल किशोर ठाकुर का मकान नजर आया, जिस पर बाहर से ताला लगा था। मौका देखकर बदमाशों ने ताला चटकाया और घर के अंदर घुसकर नकदी व जेवरात चोरी कर लिए। वारदात के बाद वे दोबारा बायपास पहुंचे और कार में बैठकर मंदसौर की ओर रवाना हो गए।
नेशनल हाईवे के रास्ते बदमाश राजगढ़ जिले पहुंचे, जहां एक व्यक्ति से उन्होंने डोडा चूरा खरीदा। इसके बाद कोटा वाला हाईवे पकड़ते हुए जयपुर और दिल्ली होते हुए लुधियाना लौट गए।
गुना में चोरी करने वाले आरोपियों का सीसीटीवी।
सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी, फोटो भी मिले
चोरी की वारदात के दौरान बदमाश सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे। पुलिस के पास उनके फोटो मौजूद थे। इस पूरे मामले के खुलासे में आरक्षकों की अहम भूमिका रही। टीम में शामिल पुलिसकर्मी नेशनल लेवल पर बने आरक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे। संदिग्धों की फोटो ग्रुप में साझा की गई, जिसके बाद झांसी से एक आरोपी की पहचान उसकी टी-शर्ट के आधार पर हो गई। यहीं से पूरी गैंग चिन्हित हुई। बिहार पुलिस की मदद से वहां के आरोपियों को ट्रेस किया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शातिर अंतर्राज्यीय बदमाश हैं। इनके खिलाफ झांसी के सीपरी बाजार और कोतवाली थाना, राजस्थान के सदर दौसा, लुधियाना के डुगरी थाना सहित पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चोरी के आरोपी।
उत्तरप्रदेश और राजस्थान में भी की थीं दो चोरी
- वर्ष 2023, जुलाई: झांसी में घर में घुसकर चोरी: झांसी के रहने वाले रमेशचंद्र साहू के घर भी इन्हीं बदमाशों ने वारदात की थी। 25 अगस्त 2023 को रमेश अपने घर से बाहर गया था। उनका बेटा तीसरी मंजिल पर होम वर्क कर रहा था। सुबह करीब 11 से 11. 35 बजे के बीच अज्ञात चोरों द्वारा मकान के अन्दर घुसकर कमरे का ताला तोड़ कर अलमारी में रखे सारे जेवरात, मोबाइल, नगद रकम लगभग 2.50 लाख रूपये चोरी कर ले गये। झांसी पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद 2 दिसंबर 2023 को वीरेन्द्र उर्फ भोला, जस्सी, राजू और राजेश को पकड़ा था। उनके कब्जे से चोरी गया सामान भी बरामद किया। बरामद किए गए सामान में सोने, चांदी के गहने, दो मोबाइल, नगदी शामिल थे।
- वर्ष 2023, जून: राजस्थान के दौसा में चोरी: दौसा की गोवर्धन वाटिका में रहने वाले कमलेश गुर्जर के यहां इन्हीं बदमाशों ने चोरी की वारदात की थी। घटना 1 जून 2023 की थी। कमलेश के भाई के सूने मकान में घुसकर अज्ञात बदमाशों ने सोने चांदी के गहने सहित डेढ़ लाख नगदी चुराई थी। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 18 सितंबर को पुलिस ने इस मामले में जस्सी और राजू को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से चोरी गया सामान और 60 हजार नगदी बरामद किए थे।
नशे की लत के लिए चोरी करता था
गुना सीएसपी प्रियंका मिश्रा का कहना है कि आरोपियों ने दो और चोरी की वारदातें कबूली हैं। ये अंतर्राज्यीय गिरोह नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करता था। फरार आरोपी की तलाश की जा जारी है।

