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नई दिल्ली9 मिनट पहले
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सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर एक अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की।
मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई।
उसमें ‘April Fool’ लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था।
मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबरें झूठी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है।
हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया।
इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना।
कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है
सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें।
सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा…
लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था…
- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू: लॉकडाउन की अफवाह कौन उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक, यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं।
- पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी: लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं।
लॉकडाउन पर राहुल-खड़गे का बयान
- राहुल गांधी: मोदी जी ने कह दिया कि कोविड जैसा समय आने वाला है। कोविड में जो किया था वो भूल गए कि कितने लोग मरे थे। कैसी दुखद स्थिति हुई थी।
- मल्लिकार्जुन खड़गे: कोविड के दौरान हुई दुखद पीड़ा को नहीं भूला जा सकता। ऐसे में पीएम क्या 140 करोड़ भारतीयों को एक बार फिर खुद ही ऊर्जा संकट के साथ-साथ भोजन, उर्वरक और महंगाई के बढ़ते दबाव जैसे संकट का सामना करने के लिए कह रहे हैं।
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