Jhajjar Aadhaar card Farmer ID digital identity land records Agriculture Revenue | झज्जर में किसानों के आज बनेंगे फार्मर आई डी: आधार कार्ड जैसे करेगी काम, होगा डिजिटल पहचान और जमीन रिकार्ड – Jhajjar News
गेहूं के खेत में पानी लगाता किसान, प्रतीकात्म फोटो।
झज्जर जिले में तहसील वाइज दो गांवों में कृषि विभाग की ओर से कैंप लगाए जा रहे हैं। जिनमें किसानों के डीजिटल आई डी तैयार किए जाएंगे। जिले भर के किसानों कके लिए आधार कार्ड जैसी ही फार्मर आईडी बनाई जा रही है जिसमें किसानों से संबंधित जमीनी रिकार्ड सहित स
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फार्मर आई डी के बनने के बाद किसान अपनी जमीन से जुडे़ अपडेट डीजिटल होने के बाद बदलाव में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आाएगी। फार्मर आईडी का उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं तक किसानों की पहुंच को आसान बनाते हुए किसान केंद्रित लाभ प्रदान करना है। आज बुधवार से जिले भर में गांवों में कैंप आयोजित किए जाएंगे।
राजस्व व कृषि विभाग बनाएगा आई डी
डीसी ने अधिकारियों को इस काम को कराने के लिए मिशन मोड में काम करने के लिए कहा है। प्रत्येक तहसील के दो गांवों में आयोजित कैंपों में राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम किसानों के आईडी कार्ड बनाने का कार्य करेगी। फार्मर आईडी एग्री स्टैक प्लेटफार्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो किसानों की पहचान को सुरक्षित करने और उन्हें सरकारी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने में सहायक साबित होगा।
आईडी माध्यम से ही मिलेगी कृषि जानकारी
बैंक ऋण, पीएम किसान सम्मान योजना, क्षतिपूर्ति, समय समय पर किसानों को वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी आदि फार्मर आईडी के माध्यम से दी जाएगी। कृषि संबंधित योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को फार्मर आईडी बनवाना बेहद जरूरी है।
यूनिक डिजिटल पहचान है फार्मर आईडी
फार्मर आईडी, आधार कार्ड बेस्ड किसानों की एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जो जमीन रिकॉर्ड प्रणाली से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। जिसका मतलब है कि फार्मर आईडी किसान के जमीन रिकार्ड में बदलाव के साथ-साथ अपने आप अपडेट हो सकेगी। फार्मर आईडी से किसानों को कृषि संबंधित योजना, बैंक लोन, फसल क्षति, अनुदानित दर पर खाद बीज आदि लेने में लाभदायक साबित होगा।

