Jharkhand Raiyats Rights Crushed Amidst Court Case, Alleges Ex-MLA Amb Prasad

Jharkhand Raiyats Rights Crushed Amidst Court Case, Alleges Ex-MLA Amb Prasad


पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने राज्य में कॉर्पोरेट कंपनियों और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में रैयतों के अधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 15 वर्षों से विस्थापितों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिलाने

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इस दौरान उनके पिता, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, माता पूर्व विधायक निर्मला देवी और भाई को भी कथित रूप से झूठे मामलों में जेल भेजा गया। अम्बा प्रसाद ने कहा कि NTPC, CCL और अन्य कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर रैयतों को परेशान कर रही हैं।

2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों से वंचित कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मामले उच्च न्यायालय में लंबित हैं, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद जमीन और संपत्ति पर कार्रवाई जारी है।

हाईकोर्ट में लंबित मामलों के बीच कार्रवाई

अम्बा प्रसाद ने बताया कि मुआवजा से जुड़े छह मामलों में 83 रैयतों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि कोर्ट ने मामलों को सक्षम पदाधिकारी के पास भेजने की बात कही, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि अंतिम जिम्मेदारी किसकी होगी।

इसी बीच NTPC द्वारा जमीन अधिग्रहण और मुआवजा निर्धारण को लेकर नोटिस जारी किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने 2013 के कानून की जगह पुराने प्रावधानों के तहत मुआवजा तय करने की कोशिश की, जिसका उन्होंने विरोध किया। मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद कंपनी की ओर से लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

2000 पुलिस बल के साथ तोड़फोड़

अम्बा प्रसाद ने आरोप लगाया कि 19 मार्च 2026 को NTPC ने करीब 2000 पुलिस बल के साथ उनके घर को ध्वस्त कर दिया। उस समय उनके पिता दिल्ली में थे, जबकि उनकी मां को घर से जबरन बाहर निकालकर थाना ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घर के अंदर मौजूद कीमती सामान और नकदी निकालने का मौका तक नहीं दिया गया।

जिससे लाखों का नुकसान हुआ। इस कार्रवाई को उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन बताते हुए न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन हो, तब इस तरह की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना है। यह पूरे राज्य के रैयतों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

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हजारीबाग में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का घर जमींदोज:मुआवजा विवाद में एनटीपीसी-प्रशासन ने की कार्रवाई, परिवार जाएगा कोर्ट

हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड के जोरदाग में गुरुवार को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई एनटीपीसी और पूर्व मंत्री के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन एवं मुआवजा विवाद के कारण की गई।

योगेंद्र साव अपनी पत्नी और बड़कागांव की पूर्व विधायक निर्मला देवी के साथ पिछले कई दिनों से अपने आवास स्थल पर धरना दे रहे थे। उनकी मुख्य मांग भूमि के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी थी। यहां पढ़ें पूरी खबर…



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