Jharkhand Stone Traders Halt Rail Loading Justified by Labor Minister
पाकुड़ और साहेबगंज जिलों में रेल यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर पत्थर व्यवसायियों का आंदोलन तेज हो गया है। 16 जनवरी से रेलवे रैक में पत्थर लोडिंग बंद करने के बाद अब शनिवार से कोयले की ढुलाई भी पूरी तरह रोक दी गई है। इस आंदोलन के कारण रेलवे को अब तक
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राज्य के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने व्यवसायियों के इस आंदोलन को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से रेलवे को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। इसलिए रेलवे को यहां की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। मंत्री ने व्यवसायियों की मांगों पर विचार करने की बात कही।
इस आंदोलन के कारण रेलवे को प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
ट्रेनों को ठहराव देने की भी मांग
व्यवसायियों की मुख्य मांगों में पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, कोविड काल में बंद की गई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को फिर से चलाने, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी करने और पाकुड़ रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को ठहराव देने की भी मांग की जा रही है।
इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) का समर्थन मिला है। रविवार को राजमहल लोकसभा के सांसद विजय हांसदा ने भी व्यवसायियों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से रेलवे की समस्याओं को संसद में उठाते रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भी आंदोलन का समर्थन करने का संकेत दिया है।
मांगें नहीं मानी जाने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
व्यवसायियों का स्पष्ट कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं और रेलवे को उन पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस आंदोलन को मजदूर, आम जनता और चेंबर ऑफ कॉमर्स का भी समर्थन प्राप्त है, जो रेलवे की उपेक्षा से नाराज हैं। तीसरे दिन भी रेलवे रैक लोड नहीं हो पाई।

