Karnal Deepender Hooda Slams Government Over Aravalli Mining Issue | Haryana News | अरावली मुद्दे पर दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार को घेरा: करनाल में बोले- खनन माफिया के हवाले नहीं होने देंगे, रिव्यू पिटीशन की मांग – Gharaunda News
करनाल पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अरावली मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
गुरुग्राम में अरावली पर्वतमाला को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। करनाल पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने स्पष्ट कहा कि अरावली को किसी भी सूरत में खनन माफिया के हवाले नहीं होने दिया जाएगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांसों की सुरक्षा है और इसके संरक्षण के लिए देशवासियों के साथ मिलकर हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
अरावली को लेकर सरकार की नीति पर सवाल
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जो सरकार खुद को पर्यावरण संरक्षण की बात करने वाली बताती है, वही आज ऐसे फैसले ले रही है, जो प्रदूषण बढ़ाने वाले हैं। अरावली जैसी संवेदनशील पर्वतमाला को लेकर सरकार की सोच बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित में नहीं है और इससे केवल खनन माफिया को लाभ पहुंचेगा। सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए।
100 मीटर की नई परिभाषा पर कड़ा विरोध
दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार द्वारा लाई गई 100 मीटर की नई परिभाषा को पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले का सबसे अधिक नुकसान हरियाणा को होगा। आने वाले समय में इसका असर शिवालिक की पहाड़ियों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की गलत व्याख्या कर सरकार अरावली में खनन का रास्ता खोलना चाहती है, जो किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वृक्षारोपण की जगह विनाश का रास्ता चुना
हुड्डा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह अरावली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराती, जिससे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को स्वच्छ हवा और ऑक्सीजन मिल सके। लेकिन इसके उलट सरकार अरावली को लावारिस समझकर उसके विनाश का रास्ता अपना रही है। उन्होंने साफ कहा कि इस सोच का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
रिव्यू पिटीशन दाखिल करने की मांग
राज्यसभा सांसद ने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले पर दोबारा विचार करे और सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल करे। उन्होंने कहा कि अरावली को रियल एस्टेट और खनन माफिया के लालच का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा। पर्यावरण की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़कों से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी।
करनाल में मीडिया से बात करते सांसद दीपेंद्र हुड्डा।
विधानसभा में विधायकों के निलंबन पर नाराजगी
दीपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस के नौ विधायकों को विधानसभा से निलंबित किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए विधायकों को इस तरह सस्पेंड करना लोकतंत्र का अपमान है। विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
किसानों और आम जनता के मुद्दे भी उठाए
सांसद हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में किसानों की फसलों की ढंग से खरीद नहीं हुई। न धान, न कपास और न ही बाजरे की सही व्यवस्था की गई। चुनाव के बाद किसानों और आम जनता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा वायु प्रदूषण के मामले में देश में सबसे आगे पहुंच चुका है और ऊपर से अरावली में खनन खोलने की तैयारी की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बांग्लादेश मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हालात गंभीर हैं और केंद्र सरकार को विदेश नीति के स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि 12 साल में बांग्लादेश से घुसपैठियों को बाहर क्यों नहीं निकाला गया, इसका जवाब देश के गृह मंत्री को देना होगा।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दो टूक कहा कि अरावली से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, अरावली को बचाने के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

