Karur Stampede Case; Supreme Court | CBI Investigation | सुप्रीम कोर्ट बोला- करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच हो: सुपरवाइजरी कमेटी में तामिलनाडु का मूल निवासी नहीं होने का आदेश दोहराया; कहा- इसे नहीं बदलेंगे

Karur Stampede Case; Supreme Court | CBI Investigation | सुप्रीम कोर्ट बोला- करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच हो: सुपरवाइजरी कमेटी में तामिलनाडु का मूल निवासी नहीं होने का आदेश दोहराया; कहा- इसे नहीं बदलेंगे


नई दिल्ली6 मिनट पहले

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तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की 27 सितंबर को  रैली के दौरान भगदड़ मची थी। इसमें कुल 41 लोगों की मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को करूर भगदड़ मामले में पहले दिए गए अपने निर्देश को बदलने से इनकार कर दिया। अदालत ने निर्देश दोहराते हुए कहा कि CBI जांच की निगरानी करने वाले सुपरवाइजरी कमेटी के सदस्य तामिलनाडु के मूल निवासी नहीं होंगे।

मामले की सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने की। विजय की पार्टी TVK की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने CBI जांच के आदेश पर आपत्ति जताई थी, लेकिन कोर्ट ने कोई बदलाव नहीं किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस महेश्वरी ने कहा, “हम चाहते हैं कि सब कुछ निष्पक्ष हो।”

सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर के अपने फैसले को याद किया और बताया कि यह कमेटी जांच को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए बनाई गई थी। कमिटी का नेतृत्व पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अजय रस्तोगी करेंगे। उन्हें आदेश दिया गया कि वे दो वरिष्ठ IPS अधिकारी चुनें, जो तामिलनाडु कैडर से हो सकते हैं, लेकिन तामिलनाडु के मूल निवासी नहीं होंगे।

कोर्ट रूम LIVE

जस्टिस माहेश्वरी: हम चाहते हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और सही हो।

वकील सिद्धार्थ लुथरा : पैराग्राफ 33 में CBI जांच आदेश पर सवाल हैं।

जस्टिस माहेश्वरी: हमने पहले ही कहा था कि कमिटी निष्पक्ष हो। हम निर्देश बदलने का इरादा नहीं रखते।

जस्टिस बिश्नोई: मामला पूरी तरह सुनवाई के लिए रखा जाएगा।

कोर्ट ने बताया: 13 अक्टूबर के फैसले में यह 3 सदस्यीय कमिटी बनाई गई थी। इसका नेतृत्व पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अजय रस्तोगी करेंगे। उन्होंने दो वरिष्ठ IPS अधिकारी चुनने हैं, जो तामिलनाडु कैडर से हो सकते हैं लेकिन तामिलनाडु के मूल निवासी नहीं होंगे।

कोर्ट ने मैड्रास हाई कोर्ट की रिपोर्ट पर टिप्पणी की: रिपोर्ट में दिखा कि रैलियों के SOP के लिए याचिका गलत तरीके से क्रिमिनल रिट याचिका के रूप में दर्ज हुई।

13 अक्टूबर- सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर को करूर भगदड़ मामले में CBI जांच के आदेश दिए थे। बेंच ने कहा था- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय कमेटी जांच की निगरानी करेगी। इसमें दो IPS अधिकारी (तमिलनाडु कैडर के हो, लेकिन यहां के मूल निवास नहीं) इसमें शामिल होंगे, जो IGP रैंक से नीचे के नहीं होने चाहिए।

बेंच ने 10 अक्टूबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि जब AIADMK को करूर में कम जगह होने के कारण रैली की अनुमति नहीं दी गई तो फिर TVK को 27 सितंबर की रैली को कैसे इजाजत दी गई।

कोर्ट ने यह भी पूछा था कि मद्रास हाईकोर्ट ने SIT जांच का आदेश कैसे दिया, जबकि मामला मदुरै बेंच में था। दरअसल, 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई थी। 100 से ज्यादा लोग घायल थे।

करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई थी

तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की 27 सितंबर को रैली के दौरान भगदड़ मची थी। रैली में आई भीड़ अचानक बेकाबू हो गई थी जिसमे कुल 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस हादसे के बाद विजय की पार्टी TVK ने अपने सभी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम और रैलियां अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए थे।

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