Krishna Janmabhoomi Liberation Possible by Law & Public Awareness: Mahendra Pratap Singh | शताब्दी महोत्सव में गूंजा श्री कृष्ण जन्मस्थान का मुद्दा: पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह बोले श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति विधि और जनजागरण से ही संभव,मंच पर साधु संत रहे मौजूद – Mathura News
सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव एवं जगतगुरु रामानंदाचार्य महाराज की जयंती महोत्सव पर श्री कृष्ण जन्मस्थान का मुद्दा उठा
वृंदावन के कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव एवं जगतगुरु रामानंदाचार्य महाराज की जयंती महोत्सव पर श्री कृष्ण जन्मस्थान का मुद्दा उठा। यहां साधु संतों की मौजू
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संत संगोष्ठी का हुआ आयोजन
वृंदावन में परिक्रमा मार्ग स्थित कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे सुदामा कुटी आश्रम के संस्थापक साकेत वासी संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के शताब्दी महोत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य चतुर्थ दिवस संत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां नाभा पीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत सुतीक्ष्ण महाराज के सानिध्य में हुए इस आयोजन में संत, विद्वान और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। महोत्सव को संबोधित करते हुए हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण को रखते हुए संतों के समक्ष अभी तक की स्थिति को रखा।
महोत्सव को संबोधित करते हुए हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण को रखते हुए संतों के समक्ष अभी तक की स्थिति को रखा
श्री कृष्ण का प्राकट्य स्थल है शाही ईदगाह: महेंद्र प्रताप सिंह
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि जिस स्थान पर वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद स्थित है, वही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य स्थल है और इस संबंध में उनके पास ठोस व प्रामाणिक साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि लगभग ढाई एकड़ भूमि को लेकर दाखिल किया गया वाद सबसे पहले स्वीकार किया गया है और यह मामला उच्च न्यायालय में पूरी तरह विधिसम्मत तरीके से लड़ा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालयी प्रक्रिया के साथ जन-जन में जागरण और समर्थन आवश्यक है, ताकि सांस्कृतिक आस्था से जुड़े इस विषय का समाधान संविधान के दायरे में शांतिपूर्ण ढंग से हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का मार्ग कानून और तथ्यों पर आधारित रहेगा।
नाभा पीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत सुतीक्ष्ण महाराज के सानिध्य में हुए इस आयोजन में संत, विद्वान और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही
मठ मंदिर सुरक्षित रहेंगे सनातन सुरक्षित रहेगा
महोत्सव को संबोधित करते हुए सेवा मंगलम के महंत एवं विद्वान गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब उसके मंदिर और मठ सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय केवल एक स्थल का नहीं, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है, जिसके लिए समाज को संगठित और सजग रहना होगा। वहीं स्वामी गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज की सेवा का फल आज दिखाई दे रहा है जब उनके आगमन का शताब्दी समारोह आयोजित हो रहा है। उन्हीं के आशीर्वाद से आज सुदामा कुटी सेवा के लिए 24 घंटे तत्पर है।
सेवा मंगलम के महंत एवं विद्वान गोविंदानंद तीर्थ ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है, जब उसके मंदिर और मठ सुरक्षित रहेंगे
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर संत रमेश बाबा, महंत रामानंद दास, महंत शिव शंकर दास, महंत फूलडोल बिहारी दास, स्वामी घनश्याम आचार्य महाराज, महंत रामजी दास, महंत इंद्र कुमार दास, महंत रामलोचन दास, महंत पुरुषोत्तम दास, महंत जगदेव दास, राधे कृष्ण महाराज, रामविलास चतुर्वेदी, पार्वती वल्लभ महाराज, नागेंद्र दत्त महाराज, प्रकाश कौशिक, सत्यानंद महाराज, श्याम दास, रामानुज दास आदि मौजूद रहे। संचालन स्वामी जयराम दास देवाचार्य एवं महंत सुदर्शन दास ने किया। महंत अमर दास महाराज ने आभार जताया।

