Left Wing Warns Be Kiwi or Leave

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न्यूजीलैंड पुलिस के पंजाबी कॉन्स्टेबलों के वीडियो के बाद विवाद खड़ा हुआ।

सिखों का नगर कीर्तन रोके जाने के बाद अब न्यूजीलैंड पुलिस में पंजाबियों की भर्ती का विरोध शुरू हो गया है। मैनीकॉ पुलिस स्टेशन में हुए भर्ती सेमिनार का स्थानीय डेस्टिनी चर्च के ब्रायन टमाकी ने न्यूजीलैंड में भारतीय खासकर पंजाबियों की बढ़ रही संख्या के

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ब्रायन टमाकी और उनके संगठन द फ्रीडम एंड राइट्स कोएलिशन का कहना है कि वह ऑकलैंड हार्बर ब्रिज पर प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। यह प्रदर्शन बेतहाशा इमिग्रेशन के खिलाफ किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी ने न्यूजीलैंड को न्यूजीलैंड ही रहने दें, घुल-मिल जाएं या छोड़ दें का नारा दिया है।

हालांकि पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सुरक्षा कारणों से पुल पर मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, लेकिन टमाकी और उनके समर्थक प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं।

ब्रायन टमाकी ने पंजाबी कम्युनिटी के खिलाफ हार्बर ब्रिज पर प्रदर्शन की दी है चेतावनी।

नौकरी को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ…

  • भारतीय-अल्पसंख्यकों को भर्ती कर रही न्यूजीलैंड पुलिस: न्यूजीलैंड में मैनुकाऊ पुलिस स्टेशन में भर्ती सेमिनार हुआ था। न्यूजीलैंड पुलिस भारतीय समुदाय और अन्य अल्पसंख्यकों को पुलिस में शामिल करना चाहती है ताकि भारतीय समुदाय के केस हैंडल करने में आसानी हो।
  • 2 पंजाबी कॉन्स्टेबल ने वीडियो जारी किया: न्यूजीलैंड पुलिस में भर्ती कॉन्स्टेबल मनप्रीत सिंह रोमाणा और कॉन्स्टेबल गुलाब सिंह ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि कम्युनिटी के लिए खुशखबरी है। अगर कोई न्यूजीलैंड पुलिस में भर्ती होना चाहता है तो हम पुलिस स्टेशन में सेमिनार कर रहे हैं। इसमें बताया जाएगा कि पुलिस में कैसे भर्ती हो सकते हो। पुलिस भर्ती का पूरा प्रोसेस क्या है। इसके लिए PR की भी जरूरत नहीं है।
  • विरोध में तर्क, सीक्रेट फोर्स में सिर्फ न्यूजीलैंड के नागरिक हों: पंजाबी कॉन्स्टेबलों के वीडियो के बाद प्रदर्शनकारी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस जैसी सीक्रेट फोर्स में केवल न्यूजीलैंड के मूल नागरिक ही होने चाहिए। दूसरा कारण है कि विपक्ष को डर है कि गैर न्यूजीलैंड के लोगों को पुलिस में शामलि करने से सीक्रेट इन्फॉर्मेशन दूसरे देशों के हाथ लग सकती है। विरोधियों का तर्क है कि प्रवासियों को पुलिस में शामिल करना विदेशी एजेंडा को सरकारी तंत्र में घुसाने जैसा है।

ब्रायन टमाकी लगातार पंजाबियों को निशाना बना रहा है।- फाइल फोटो

न्यूजीलैंड में FTA का भी विरोध शुरू न्यूजीलैंड और भारत सरकार के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का भी टमाकी ग्रुप ने विरोध शुरू कर दिया है। इसके साथ न्यूजीलैंड फर्स्ट और वहां के राइट विंग इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध का कारण प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों की बढ़ती संख्या है। हाल ही में सिख नगर कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने और कीवी लाइफस्टाइल अपनाने या देश छोड़ने जैसी धमकियां इंडियन को मिल रही हैं।

जानें विरोध के 5 प्रमुख कारण

  • इमिग्रेशन और वीजा नियमों में ढील: प्रदर्शनकारियों में ब्रायन टमाकी ग्रुप का तर्क है कि इंडिया के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता (FTA) असल में सीक्रेट वीजा डील है। इसके तहत लगभग 5 हजार इंडियन प्रोफेशनल और हजारों छात्रों को न्यूजीलैंड आने का आसान रास्ता मिलेगा। उनका मानना है कि इससे न्यूजीलैंड के लोगों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा।
  • डेयरी सेक्टर में पंजाबियों के कब्जे का खतरा: पशुपालन के धंधे को पंजाबी अच्छे से जानते हैं। कई लोग न्यूजीलैंड के डेयरी सेक्टर में काम भी कर रहे हैं। ब्रायन टमाकी ग्रुप का तर्क है कि न्यूजीलैंड की इकॉनमी डेयरी सेक्टर पर टिकी है। अगर बाहर से आने वाले लोगों के इस सेक्टर को खोल दिया तो वह धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लेंगे। प्रदर्शनकारियों और न्यूजीलैंड फर्स्ट पार्टी का कहना है कि इंडिया ने इस समझौते में न्यूजीलैंड के दूध और मक्खन को शामिल नहीं किया है। यदि न्यूजीलैंड के किसानों को इंडियन मार्केट में जगह नहीं मिल रही है, तो न्यूजीलैंड को अपनी मार्केट क्यों खोलनी चाहिए।
  • इंडियन घर खरीद रहे, इससे कीमत बढ़ रही: न्यूजीलैंड इस समय घरों की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बड़ी संख्या में इंडियन यहां पर घर खरीद रहे हैं जिससे घरों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कीमतें बढ़ने से आम कीवी का घर खरीदना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ सड़कों -अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है।
  • न्यूजीलैंड के सभ्याचार पर खतरा मान रहे कीवी: लेफ्ट विंग के लोगों का मानना है कि न्यूजीलैंड में मल्टीकल्चर की स्थति पैदा हो गई है। इससे न्यूजीलैंड के सभ्याचार पर खतरा मंडला रहा है। बाहरी लोग कीवियों की मूल पहचान को खत्म कर रहे हैं। यहां गुरुद्वारे, मंजिद और मस्जिद बन गई हैं। सड़कों पर धार्मिक जलूस निकाले जा रहे हैं।
  • लोकल लोगों नौकरी का खतरा कहकर भड़का रहे: न्यूजीलैंड लेफ्ट विंग के लोग स्थानीय लोगों को नौकरियों पर खतरा कहकर भड़का रहे हैं। वे लोगों के बीच कह रहे हैं कि बाहरी लोगों के कारण न्यूजीलैंड में आर्थिक मंदी का डर है। हर जगह इंडियन प्रोफ्रेशनल काम करते हुए मिल रहे हैं। सरकार को बाहरी लोगों को बुलाने के बजाय अपने ही नागरिकों को ट्रेंड कर नौकरी देनी चाहिए।

राष्ट्रवाद के नाम पर भड़काऊ पोस्टर जारी कर रहा ब्रायन टमाकी।

राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों को भड़का रहा टमाकी डेस्टिनी चर्च का फाउंडर ब्रायन टमाकी न्यूजीलैंड का आकलैंड में लोगों को राष्ट्रवाद के नाम पर भड़का रहा है। इससे पहले वह सिखों के नगर कीर्तन को दो बार रोक चुका है और हाका कर चुका है। अब विवादित नेता ब्रायन टमाकी और द फ्रीडम एंड राइट्स कोएलिशन के साथ न्यूजीलैंड सरकार को खुली चुनौती दे रहा है। उसने 31 जनवरी 2026 को ऑकलैंड हार्बर ब्रिज पर विशाल मार्च की घोषणा की है।



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