LPG Gas Cylinder Crisis; Stock Saving Plan

LPG Gas Cylinder Crisis; Stock Saving Plan


नई दिल्ली6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

पेट्रोलियम मंत्रालय ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG गैस सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने की खबर को अफवाह बताया है। मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय ने ये भी बताया कि, होर्मूज रूट पार कर दो टैंकर 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की ओर रवाना हो गए हैं। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) 14.2 किलो वाले घरेलू LPG गैस सिलेंडर में 10 किलो गैस भरकर देने की तैयारी कर रही है।

पैनिक बुकिंग 88 लाख से घटकर 50 लाख पर आई

सरकार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में गैस की कमी के डर से लोगों ने तेजी से एडवांस बुकिंग (पैनिक बुकिंग) शुरू कर दी थी। अब इसमें कमी आई है। पहले जो बुकिंग का आंकड़ा 88 लाख तक पहुंच गया था, वह अब घटकर लगभग 50 लाख के आसपास आ गया है।

होर्मुज रूट से 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर दो टैंकर रवाना

मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग एंड वाटरवेज के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि स्टेट ऑफ होर्मुज को पार करने वाले दो LPG टैंकर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर लगभग 92,700 मीट्रिक टन LPG है। हालांकि, इनके पहुंचने के सही समय और अन्य जानकारी फिलहाल नहीं है।

पिछले 3 जहाज कब-कब भारत पहुंचे…

18 मार्च: जग लाडकी टैंकर 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया

यह तस्वीर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जग लाडकी शिप की है।

17 मार्च: नंदा देवी जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा

नंदा देवी जहाज भी गुजरात के पोर्ट आया था।

16 मार्च: शिवालिक जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात आया था

शिवालिक पहला जहाज था जो जंग के हालातों में भारत आया था।

3.5 लाख घरों और दुकानों में पहुंची पाइप गैस

सप्लाई के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पिछले तीन हफ्तों में रिकॉर्ड काम किया है। सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले 21 दिनों के भीतर देश में लगभग 3.5 लाख नए घरेलू और कमर्शियल PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन चालू या एक्टिव किए गए हैं। इससे उन लोगों को राहत मिली है जो अब तक पूरी तरह से सिलेंडर पर निर्भर थे। पाइप गैस के विस्तार से घरेलू सिलेंडरों की डिमांड कम करने में मदद मिलेगी।

कमर्शियल LPG का 50% कोटा अब राज्यों के पास

सरकार ने कमर्शियल LPG के वितरण को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है। अब कमर्शियल LPG के कुल वॉल्यूम का 50% हिस्सा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास रहेगा। भारत सरकार ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे इस कोटा का इस्तेमाल रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स के लिए करें।

अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस व्यवस्था के तहत कमर्शियल LPG का आवंटन किया है और करीब 15,800 टन गैस उठाई जा चुकी है।

प्रवासी मजदूरों के लिए 5kg के सिलेंडर

राज्य सरकारों को दिए गए निर्देश में यह भी कहा गया है कि वे कम्युनिटी किचन और सब्सिडी वाली कैंटीन को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए 5kG वाले FTL (फ्री ट्रैड LPG) सिलेंडर का इंतजाम इसी आवंटन से किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि छोटे कामगारों और मजदूरों को गैस की किल्लत की वजह से भूखा न रहना पड़े।

क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें

1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद

ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है।

2. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

LPG संकट को लेकर अब सरकार ने ये कदम उठाए

  • 6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड शुरू किया गया (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)।
  • 9 मार्च: डिमांड बढ़ने पर शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया।
  • 12 मार्च: ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया।
  • 14 मार्च: पेट्रोलियम मंत्रालय ने PNG (पाइप गैस) यूजर्स के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी घोषित किया। अब PNG कनेक्शन वालों को अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा और वे रिफिलिंग नहीं करा पाएंगे।

———————–

ये खबर भी पढ़ें…

लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस

रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं।

यह दावा इंडियन सर्वे और रिसर्च फर्म लोकलसर्किल्स की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक में सिलेंडर लेने वालों की संख्या पिछले हफ्ते के मुकाबले 6% बढ़ गई है। सर्वे में सामने आया कि इस हफ्ते 68% भारतीय घरों को गैस डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 57% था। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!