‘Manganiar Seduction’ sets the stage on fire at Jaigarh Heritage Festival | ‘मांगनियार सेडक्शन’ ने जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल में बांधा समा: लाल चमकदार खिड़कियों से निकला राजस्थान का लोक संगीत, लाइटिंग और प्रजेंटेशन ने किया आकर्षित – Jaipur News

‘Manganiar Seduction’ sets the stage on fire at Jaigarh Heritage Festival | ‘मांगनियार सेडक्शन’ ने जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल में बांधा समा: लाल चमकदार खिड़कियों से निकला राजस्थान का लोक संगीत, लाइटिंग और प्रजेंटेशन ने किया आकर्षित – Jaipur News


जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2025 के समापन दिवस की शाम का सबसे बड़ा आकर्षण विश्व-प्रसिद्ध ब्रिटिश-भारतीय थिएटर निर्देशक रॉयस्टन एबेल की प्रतिष्ठित संगीतमय प्रस्तुति मांगनियार सेडक्शन रहा।

जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2025 के समापन दिवस की शाम का सबसे बड़ा आकर्षण विश्व-प्रसिद्ध ब्रिटिश-भारतीय थिएटर निर्देशक रॉयस्टन एबेल की प्रतिष्ठित संगीतमय प्रस्तुति मांगनियार सेडक्शन रहा। जिसने जयगढ़ किले के प्रांगण में दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राजस्था

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‘मांगनियार सेडक्शन’ अपनी विशिष्ट मंच-संरचना और नाटकीय रोशनी के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लाल पर्दों और चमकदार खिड़कियों से बने बहु-स्तरीय मंच पर बैठे कलाकारों की आवाज और समवेत संगत ने दर्शकों को रहस्यमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। एक-एक कर रोशन होती खिड़कियों के साथ संगीत का उठान और चरम बिंदु अपने आप में एक संपूर्ण नाट्य-यात्रा का अनुभव कराता है।

इस प्रस्तुति में राजस्थान के मांगनियार समुदाय के दिग्गज लोक कलाकारों ने अपनी दमदार गायकी और कौशल से ऐसा वातावरण निर्मित किया कि पूरा सभागार तालियों और हूटिंग से गूंज उठा।

राजस्थान के लोक संगीतकारों की शक्तिशाली आवाज

इस प्रस्तुति में राजस्थान के मांगनियार समुदाय के दिग्गज लोक कलाकारों ने अपनी दमदार गायकी और कौशल से ऐसा वातावरण निर्मित किया कि पूरा सभागार तालियों और हूटिंग से गूंज उठा। सूफी, फोक और रागधारित धुनों के अनोखे मिश्रण ने दर्शकों को लोक-आध्यात्मिक संगीत की गहराई में डूबो दिया।

रॉयस्टन एबेल ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2006 में की थी और तब से यह प्रस्तुति यूरोप, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के प्रमुख कला-मंचों पर प्रदर्शित होती रही है। यह प्रदर्शन राजस्थान के लोक कलाकारों को वैश्विक मंच दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

जयगढ़ किले के खुले राजसी वातावरण और नगाड़ों की गूंज ने प्रस्तुति को अतुलनीय बनाया। समापन के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाकर कलाकारों का स्वागत किया। ‘मांगनियार सेडक्शन’ ने न सिर्फ़ फेस्टिवल की शाम को जीवंत बनाया बल्कि यह भी साबित किया कि राजस्थान की लोकसंस्कृति विश्वस्तरीय कला की अनूठी पहचान रखती है।

समापन के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाकर कलाकारों का स्वागत किया।

लगभग 20 साल की यात्रा

‘मांगनियार सेडक्शन’ का विचार रॉयस्टन एबेल को तब आया जब वे स्पेन में सड़क कलाकारों के साथ एक प्रोजेक्ट पर थे, जिनमें दो मांगनियार भी शामिल थे। उनकी आवाज से मोहित होकर एबेल भारत लौटे और इस अनूठी प्रस्तुति का रूप दिया। शुरुआत में इसे स्क्रैच वर्जन के रूप में तैयार किया गया, लेकिन आज यह दुनिया के सबसे चर्चित लाइव म्यूजिकल शो में शामिल है।

पिछले 19 वर्षों में यह शो अमेरिका से लेकर सऊदी अरब तक न जाने कितने देशों में प्रस्तुत किया जा चुका है, जहां दर्शक भावनाओं से भर उठे और कलाकारों को सेल्फी के लिए घेर लिया गया।



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