MGNREGA Update: 4.43 Crore Job Cards Deleted in 5 Years | Highest in Bihar and UP | 5 साल में मनरेगा के 4.43 करोड़ कार्ड हटे: सबसे ज्यादा बिहार में; कुल डिलीट कार्ड में 44% बिहार-यूपी का हिस्सा
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नई दिल्ली27 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने राज्यसभा में शुक्रवार को बताया कि पिछले पांच वर्षों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत देशभर में 4.43 करोड़ जॉब कार्ड हटाए गए हैं।
इसमें सबसे ज्यादा कार्ड बिहार के हटाए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि कुल हटाए गए जॉब कार्ड में बिहार और उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 44% है।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने शुक्रवार को राज्यसभा में सांसद तिरुचि शिवा के सवाल के लिखित जवाब में दी।
मंत्री ने कहा कि जॉब कार्ड हटाने की प्रक्रिया नियमित रूप से की जाती है। इसका उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों वाले कार्ड हटाना है।
इसके अलावा जिन परिवारों ने स्थायी रूप से पलायन कर लिया है, जिन ग्राम पंचायतों का शहरीकरण हो चुका है या जिन परिवारों में जॉब कार्ड का एकमात्र सदस्य मृत्यु को प्राप्त हो चुका है, ऐसे मामलों में भी कार्ड डिलीट किए गए हैं।
25 जनवरी 2025 को SOP जारी की गई
सरकार ने बताया कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 25 जनवरी 2025 को एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई थी।
सरकार ने कहा कि अगर किसी भी तरह का कन्फ्यूजन होता है इन SOP को देखा जा सकता है।
मनरेगा अब VB G RAM G
शीतकालीन सत्र में संसद से ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-जी राम जी) बिल, 2025’ पास हो गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे संसद में पेश किया था।
ये बिल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को रिप्लेस करेगा। नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है।
इसके तहत काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी।
बिल की धारा 22 के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड शेयरिंग पैटर्न 60:40 होगा, जबकि उत्तर पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर) के लिए यह 90:10 होगा।
बिल की धारा 6 राज्य सरकारों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की अवधि के लिए, बुवाई और कटाई के मुख्य कृषि मौसमों को कवर करते हुए, पहले से सूचित करने की अनुमति देती है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
इस मुद्दे पर संसद परिसर में विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर मनरेगा से जुड़े VB G RAM G विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना करोड़ों लोगों के रोजगार अधिकार पर असर डालता है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी विधेयक के विरोध में संसद परिसर में रातभर धरना दिया।
बिल पास होने के बाद संसद परिसर ने विपक्ष ने रातभर प्रदर्शन किया।
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VB-G RAM G बिल पास होने के साथ संसद का सत्र शुक्रवार को खत्म हो गया। इस पर बिल पर लोकसभा में 18 घंटे और राज्यसभा में 14 घंटे चर्चा हुई। दोनों ही सदन में विपक्ष ने बायकॉट कर दिया। TMC सांसद, संसद के मकर द्वार पर रातभर से धरने पर बैठे रहे। बीच-बीच में हम होंगे कामयाब गाना भी गाया। पूरी खबर पढ़ें…

